चंडीगढ़, 29 सितंबर। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने श्री आनंदपुर साहिब स्थित SGPC की सराय में बहरीन की एक महिला के लंबे समय तक ठहरने से जुड़े विवाद को लेकर शिरोमणि अकाली दल (बादल) के वरिष्ठ नेताओं और SGPC से कई सवाल पूछे हैं। पन्नू ने विशेष रूप से पूछा कि महिला को बहरीन से पंजाब कौन लेकर आया, उसे SGPC की सराय में किसके कहने पर ठहराया गया और उसके रहने तथा अन्य सुविधाओं का खर्च किसने उठाया।
यह मामला उस FIR से जुड़ा है जो 21 अगस्त को श्री आनंदपुर साहिब थाने में बहरीन निवासी महिला की शिकायत पर दर्ज हुई थी। FIR में पूर्व SGPC सदस्य अमरजीत सिंह चावला सहित अन्य के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। चावला ने आरोपों को गलत और मनगढ़ंत बताया है।
सुखबीर, हरसिमरत और मजीठिया से भी सवाल
प्रेस वार्ता में बलतेज पन्नू ने सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया की कथित चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि महिला को लंबे समय तक SGPC की सराय में ठहराया गया था तो इसके पीछे क्या व्यवस्था थी और इसकी जानकारी SGPC नेतृत्व को कब हुई।
पन्नू ने SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी से भी पूछा कि महिला को सराय में किसने ठहराया और उसके रहने, वाहन तथा अन्य सुविधाओं का खर्च किस मद से किया गया। इससे पहले धामी कह चुके हैं कि उन्हें महिला के वहां आने या उसे वहां लाने वाले व्यक्ति की जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा था कि महिला उनसे एक-दो बार मिली थी, लेकिन उसने किसी कथित दुर्व्यवहार की जानकारी उन्हें नहीं दी थी।
15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई
विवाद के बीच SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने 22 सितंबर को चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी में SGPC कार्यकारिणी सदस्य बलदेव सिंह कायमपुर, गुरमीत सिंह बूह, भाई गुरबख्श सिंह खालसा और बीबी गुरिंदर कौर भोलूवाला को शामिल किया गया है। SGPC सचिव बलविंदर सिंह काहलवां को कमेटी का समन्वयक बनाया गया है। कमेटी को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
पन्नू ने इस जांच कमेटी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त सिख न्यायाधीश या वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जैसे अनुभवी व्यक्ति से कराई जानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 दिन का समय दिए जाने से मामले को टालने की कोशिश हो सकती है। यह पन्नू का राजनीतिक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
₹1 लाख ट्रांसफर का भी दावा
बलतेज पन्नू ने दावा किया कि 23 जुलाई 2026 को SGPC सचिव के नाम पर पंजाब नेशनल बैंक में संचालित खाते से बहरीन की महिला के खाते में ₹1 लाख ट्रांसफर किए गए। उन्होंने पूछा कि यह राशि किस उद्देश्य से दी गई, किसने इसकी मंजूरी दी और इसे किस वित्तीय मद में दर्ज किया गया।
इस भुगतान के दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो पाई है। इसलिए ₹1 लाख के ट्रांसफर को फिलहाल AAP नेता द्वारा किया गया दावा ही माना जाना चाहिए। हालिया रिपोर्टों में भी पन्नू द्वारा महिला के खाते में ₹1 लाख ट्रांसफर किए जाने का दावा दर्ज है।
पन्नू ने यह भी सवाल उठाया कि यदि महिला के रहने के दौरान वाहन, ड्राइवर, भोजन अथवा अन्य सुविधाओं पर SGPC के संसाधन खर्च हुए तो उनका पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
जांच रिपोर्ट के बाद सामने आएंगे तथ्य
SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा है कि जांच कमेटी मामले के सभी पहलुओं की जांच करेगी और रिपोर्ट आने के बाद संगत द्वारा उठाए जा रहे सवालों के जवाब तथ्यों के आधार पर दिए जाएंगे। SGPC ने यह भी बताया है कि विभागीय स्तर पर जांच पहले से चल रही थी।
मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के बाद अतिरिक्त हेड ग्रंथी भाई मलकीत सिंह को सेवाओं से हटाया गया है, जबकि अमरजीत सिंह चावला का SGPC सदस्य पद से दिया गया इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया गया है।
