सराज में विकास कार्यों पर विवाद, बीडीओ के खिलाफ स्वतंत्र जांच की मांग
आरोपों और जवाबों के बीच घिरा बालीचौकी विकास खंड, जांच की उठी मांग
एएम नाथ। बालीचौकी/शिमला : सराज विधानसभा क्षेत्र के बालीचौकी विकास खंड में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और वित्तीय प्रबंधन को लेकर विवाद गहरा गया है। पूर्व जिला परिषद सदस्य संत राम ने शिमला में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर विकास खंड अधिकारी (बीडीओ) भवनेश चड्ढा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत पत्र में बीडीओ पर पद के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी धन की कथित बर्बादी और नियमों की अनदेखी कर मनमाने फैसले लेने के आरोप लगाए गए हैं। संत राम का आरोप है कि बीडीओ ने अपना निवास बालीचौकी मुख्यालय के बजाय करीब 33 किलोमीटर दूर कलैहली में रखा हुआ है, जिससे सरकारी वाहन का अत्यधिक उपयोग हो रहा है और ईंधन सहित सरकारी संसाधनों पर अनावश्यक खर्च बढ़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नियमों की अनदेखी कर एक निजी फर्म से लगभग 50 हजार रुपये प्रति यार्ड की दर से बड़ी संख्या में सैग्रीगेशन यार्ड खरीदे गए। शिकायतकर्ता ने संबंधित फर्म और विकास खंड के एक ग्राम रोजगार सेवक के बीच संबंध होने का दावा करते हुए हितों के टकराव का आरोप लगाया है। इसके अलावा पंचायतों की करोड़ों रुपये की धनराशि को स्थानीय बैंकों से स्थानांतरित कर भुंतर स्थित एक निजी बैंक में जमा कराने, हरियाली परियोजना के तहत सामग्री खरीद में अनियमितता तथा मनरेगा श्रमिकों को रोजगार से वंचित करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
उधर, बीडीओ भवनेश चड्ढा ने सभी आरोपों को निराधार और तथ्यहीन बताया है। उनका कहना है कि विकास खंड में सभी कार्य सरकारी नियमों और पारदर्शी प्रक्रियाओं के अनुसार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी जांच में विभाग पूरा सहयोग करेगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि झूठे और मनगढ़ंत आरोपों से उनकी छवि धूमिल करने के प्रयास पर शिकायतकर्ता के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।
