एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के पांच प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 75 नए असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के सृजन और भर्ती की अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार के इस फैसले से मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ने के साथ-साथ मरीजों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ये पद प्रदेश के प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भरे जाएंगे। इनमें डॉ. राजेंद्र प्रसाद गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, डॉ. यशवंत सिंह परमार गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, श्री लाल बहादुर शास्त्री गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, पं. जवाहर लाल नेहरू गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और डॉ. राधाकृष्णन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
सरकार ने कुल 12 महत्वपूर्ण विभागों में इन पदों को भरने की मंजूरी दी है। इनमें रेडियो-डायग्नोसिस के 13 पद, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के 9 पद, बाल रोग विभाग के 8 पद, सामान्य चिकित्सा के 6 पद, सामान्य सर्जरी के 5 पद, पल्मोनरी मेडिसिन के 5 पद, कार्डियोलॉजी के 5 पद, माइक्रोबायोलॉजी के 5 पद, मनोरोग के 5 पद, ईएनटी के 5 पद, पैथोलॉजी के 5 पद और बायोकेमिस्ट्री के 4 पद शामिल हैं।
इस फैसले की सबसे महत्वपूर्ण पहल कार्डियोलॉजी विभाग को लेकर है। सरकार ने नाहन और चंबा मेडिकल कॉलेजों में कार्डियोलॉजी विभाग स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत दोनों संस्थानों में कार्डियोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर (सुपर स्पेशियलिटी) पद सृजित किए गए हैं। इससे इन क्षेत्रों के मरीजों को हृदय रोगों के इलाज और विशेषज्ञ परामर्श के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
हिमाचल प्रदेश के दूरदराज और पर्वतीय क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता लंबे समय से चुनौती रही है। नए पदों की भर्ती से मरीजों को बेहतर जांच, उपचार और परामर्श सेवाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी 75 पदों को भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ भरा जाएगा। सरकार का उद्देश्य योग्य और अनुभवी चिकित्सा विशेषज्ञों को प्रदेश के संस्थानों से जोड़कर आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। माना जा रहा है कि यह निर्णय आने वाले वर्षों में हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को नई मजबूती प्रदान करेगा।
