ब्रेन ट्यूमर सभी कैंसरों का लगभग 2% – ब्रेन ट्यूमर हर उम्र में हो सकता : डॉ. प्रदीप शर्मा

by

होशियारपुर, 8 जून: “ब्रेन ट्यूमर सभी कैंसरों का लगभग 2% है। दुनिया भर में हर दिन ब्रेन ट्यूमर के लगभग 500 नए मामलों का निदान किया जाता है और उनमें से अधिकांश वंशानुगत नहीं होते हैं। ब्रेन ट्यूमर हर उम्र में हो सकता है और अब तक, इसकी उत्पत्ति का कोई निश्चित कारण नहीं पाया गया है और न ही ऐसे कोई विशिष्ट निवारक उपाय किए गए हैं जो इसे रोकने के लिए किए जा सकें।”

शुक्रवार को यहां वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे की पूर्व संध्या पर ये जानकारी साझा करते हुए आईवीवाई अस्पताल में न्यूरोसर्जरी और न्यूरो इंटरवेंशन के डायरेक्टर डॉ. विनीत सग्गर ने कहा कि धूम्रपान और अत्यधिक रेडिएशन एक्सपोज़र जैसे पर्यावरणीय खतरों से बचकर ब्रेन ट्यूमर के खतरे को कम किया जा सकता है।

न्यूरोसर्जन डॉ. जसप्रीत सिंह रंधावा ने कहा कि ब्रेन ट्यूमर विनाशकारी घाव हैं जो शरीर के नर्व सेन्टर को प्रभावित करते हैं।

“हमारे सभी कार्य, खाने से लेकर बोलने, चलने आदि तक और हमारी सभी भावनाएँ, प्यार से लेकर नफरत तक, ब्रेन, रीढ़ की हड्डी और नर्व सेन्टर द्वारा नियंत्रित होते हैं जो आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं। ब्रेन एक कठोर स्कल में स्थित होता है और स्कल के अंदर टिशू की असामान्य वृद्धि से ट्यूमर का निर्माण होता है जो आसपास के सामान्य टिशूज पर दबाव का कारण बनता है।

आईवीवाई के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप शर्मा ने बताया कि  अब उन्नत तकनीकों ने न्यूरो विशेषज्ञों के लिए उन क्षेत्रों में उद्यम करना संभव बना दिया है, जिन्हें लंबे समय तक पहुंच से बाहर माना जाता था या जिनमें चोट के जोखिम का स्तर अस्वीकार्य था। न्यूरो नेविगेशन आजकल सभी प्रकार की जटिल न्यूरो सर्जरी के लिए एक पसंदीदा विकल्प बन गया है। डॉ. प्रदीप ने कहा कि न्यूरोनेविगेशनल ने 4-5 वर्षों में लोकप्रियता हासिल की है और इस प्रकार यह सर्जरी के दौरान एक अत्यधिक प्रभावी उपकरण बन गया है।न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. स्वाति गर्ग ने कहा कि ट्यूमर कैन्सरस या
नॉन-कैन्सरस हो सकते हैं। कैंसरयुक्त ब्रेन ट्यूमर, ज्यादातर, ब्रेन पदार्थ (आंतरिक) से उत्पन्न होते हैं और केवल अलग-अलग समय के लिए और उपलब्ध उपचार के सभी विभिन्न तरीकों का उपयोग करने के बाद ही नियंत्रित किया जा सकता है। दूसरी ओर, नॉन-कैन्सरस ट्यूमर ज्यादातर ब्रेन के आसपास की संरचनाओं (बाहरी) से उत्पन्न होते हैं। उन्हें शल्य चिकित्सा द्वारा सफलतापूर्वक हटाया जा सकता है और, एक बार पूरी तरह से हटा दिए जाने के बाद, वे अधिकतर दोबारा नहीं होते हैं। उनमें से कुछ का इलाज स्टीरियोटैक्टिक रूप से निर्देशित रेडियोथेरेपी का उपयोग करके प्रभावी ढंग से किया जा सकता है, खासकर जब ट्यूमर का आकार छोटा होने पर जल्दी निदान किया जाता है।डॉ. प्रदीप शर्मा ने कहा, “भारत में ब्रेन ट्यूमर की घटना और व्यापकता तेजी से बढ़ रही है। हर साल 40,000 से 50,000 लोगों में ब्रेन ट्यूमर का पता चलता है जिससे जीवन प्रत्याशा 20 साल कम हो जाती है।”ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षण:·         बार-बार सिरदर्द होना ·         चक्कर आना·         मतली और उल्टी·         फिट आना ·         मानसिक स्थिति या व्यक्तित्व में परिवर्तन, व्यवहार संबंधी समस्याएँ·         स्मृति हानि ·         चलने में अस्थिरता·         वाणी संबंधी समस्याएं·         एक या अधिक अंगों में कमजोरी या परिवर्तित संवेदना ·         चेहरे या शरीर के आधे हिस्से में कमजोरी या पक्षाघात·         दृष्टि ख़राब होने, ठीक से सुनने या बोलने की क्षमता में समस्या

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

आरसेटी ने 34 महिलाओं को सिखाया आचार, पापड़ और मसाला बनाना

एएम नाथ। हमीरपुर 29 नवंबर :  मट्टनसिद्ध स्थित पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) हमीरपुर द्वारा महिलाओं के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविर शनिवार को संपन्न हो गया। इस शिविर में 34 महिलाओं...
article-image
पंजाब

आतंकवाद, गैंगस्टरों और नशा तस्करी के खिलाफ अभियान जारी : डीआईजी बॉर्डर रेंज नानक सिंह

अमृतसर, 16 अक्टूबर . पंजाब के डीआईजी बॉर्डर रेंज नानक सिंह ने बताया कि अमृतसर ग्रामीण Police ने आतंकवाद, नशा तस्करी और गैंगस्टर गतिविधियों के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया है। उन्होंने कहा कि Chief...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

माता श्री चिंतपूर्णी का थ्री डी मॉडल स्मृति चिन्ह, अब श्रद्धालु भी खरीद सकेंगे : मंदिर न्यास के अध्यक्ष एवं उपायुक्त और निदेशक निफ्टि कांगड़ा के मध्य साईन हुआ एमओयू

ऊना, 8 दिसम्बर – अब माता श्री चिंतपूर्णी में आने वाले श्रद्धालु भी खरीद सकेंगे माता श्री चिंतपूर्णी का थ्री डी मॉडल स्मृति चिन्ह। इस संबंध में शुक्रवार को उपायुक्त राघव शर्मा और नेशनल...
article-image
पंजाब

राजनीतिक हितों के लिए श्री अकाल तख्त को चुनौती पंथ कभी स्वीकार नहीं करेगा : एसजीपीसी

अमृतसर। श्री गुरु ग्रंथ साहिब से जुड़े मामले में पंजाब सरकार द्वारा की जा रही राजनीति श्री अकाल तख्त साहिब को सीधी चुनौती है। इसे सिख पंथ कभी भी स्वीकार नहीं करेगा। यह बात...
Translate »
error: Content is protected !!