भागवत कथा में महाराज परीक्षित की कथा व कलियुग के गुण अवगुण के बारे बताया : पलांखवाला में श्रीमदभागवत कथा हवन व पूर्णाहुति के साथ हुई संपन्न

by

बद्दी, 18 अप्रैल (तारा) : बद्दी नगर के तहत पलांखवाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का शानिवाद को हवन व पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ। कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष अच्छर पाल कौशल ने बताया कि पिछले 7 दिनों से भागवत की कथा का रसपान करते हुए आसपास के सभी ग्राम वासियों ने आनंद उठाया। शनिवार को कथा के विराम के दिन प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कथावाचक आचार्य 108 साध्वी ऋषि गिरी जी महाराज ने कथा समापन से पूर्व महाराज परीक्षित की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि राजा परीक्षित अर्जुन के पौत्र और अभिमन्यु-उत्तरा के पुत्र थे, जिनकी कृष्ण ने गर्भ में रक्षा की थी। वे एक धर्मात्मा राजा थे, लेकिन कलयुग के प्रभाव से उन्होंने एक तपस्वी ऋषि के गले में मृत सांप डाला। ऋषि कुमार के श्राप के कारण, तक्षक नाग के काटने से सात दिन में उनकी मृत्यु हुई, जिसके दौरान उन्होंने शुकदेव जी से श्रीमद्भागवत पुराण सुनी।

महाभारत युद्ध के बाद अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से कृष्ण द्वारा रक्षा की गई। गर्भ में परीक्षित द्वारा भगवान की परीक्षा (दर्शन) लेने के कारण उनका नाम परीक्षित पड़ा।
पांडवों के हिमालय जाने के बाद उन्होंने हस्तिनापुर की कमान संभाली और एक धर्मात्मा राजा के रूप में राज किया। एक बार शिकार के दौरान प्यास लगने पर वे शमीक ऋषि के आश्रम गए। ऋषि ध्यान में थे, इसलिए उन्होंने अपमानित महसूस कर ऋषि के गले में एक मरा हुआ सांप डाल दिया। ऋषि के पुत्र श्रृंगी ने क्रोध में श्राप दिया कि 7 दिन बाद तक्षक नाग के डसने से राजा की मृत्यु होगी।
श्राप को सत्य मानकर, परीक्षित ने राज-पाट त्याग दिया और गंगा तट पर शुकदेव जी से ७ दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा सुनी, जिससे उन्हें मोक्ष प्राप्त हुआ।
इसके पश्चात साध्वी जी महाराज ने कलयुग के गुण और अवगुण के बारे विस्तार से बताया कि कलयुग (4,32,000 वर्ष की अवधि) को अवगुणों का भंडार माना जाता है, जहाँ पाप, असत्य और कलह की प्रधानता होती है। हालाँकि, इसमें सबसे बड़ा गुण यह है कि केवल भगवान का नाम सुमिरन, कीर्तन या दान करने से ही व्यक्ति को मोक्ष मिल सकता है, जिसके लिए पूर्व युगों में कठिन तपस्या की आवश्यकता होती थी। कलियुग केवल नाम अधारा। इस युग में केवल भगवान के नाम का स्मरण करने से ही जीव का उद्धार हो जाता है।
सतयुग में तप, त्रेता में ज्ञान और द्वापर में यज्ञ की तुलना में कलियुग में दान सबसे श्रेष्ठ साधन है।
सतयुग, त्रेता और द्वापर में जो फल वर्षों की तपस्या से मिलता था, वह कलयुग में नाम जप के माध्यम से बहुत जल्दी मिल जाता है। यह युग मोक्ष प्राप्त करने के लिए सबसे आसान और सरल रास्ता प्रदान करता है। कलियुग में झूठ, चोरी, हिंसा, और हत्या जैसे पापों का बोलबाला रहेगा।
धर्म, सत्य, पवित्रता, दया और क्षमा जैसी मानवीय भावनाएं कम हो जाएंगी।
लोग स्वार्थी हो जाएंगे, रिश्तों में प्रेम की जगह आकर्षण ले लेगा और माता-पिता का सम्मान कम होगा।
लोगों में क्रोध, लोभ, अहंकार और ईर्ष्या की भावना बहुत अधिक बढ़ जाएगी।
अधर्म की कमाई को बढ़ावा मिलेगा और अच्छे लोग दुखी रहेंगे। कलयुग अवगुणों से भरा है लेकिन भगवान के नाम के प्रति समर्पण इसे कल्याणकारी बना देता है। इस अवसर
बहुत से गणमान्य ग्रामीण व मौजूद लोगों ने हवन यज्ञ की पूर्णाहुति दी। पूर्णाहुति के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें कथा सुनने वाले सभी लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर पूर्व सांसद वीरेंदर कश्यप, अध्यक्ष अच्छर पाल कौशल, बलबीर ठाकुर,सुमित भानु, कृषि देवी, सुशीला, उर्मिला, सुदर्शन, प्रोमिला,एडवोकेट कार्तिक कौशल, सोनिया,
, संजय शर्मा, भागो देवी, कांता, सोनाली, प्रेमलता, सतीश, सुनीता, सुलोचना, सोनू देवी, कौशल्या, सुरिंदरा, अनुराधा, मनोहर सिंह, भजन सिंह, सोहन लाल,आंचल, सूर्यांश, अंशुमन, सीमा, निर्मला, बेबी, रीना,मीना कौशल, कृष्ण चौहान, आशा राजपूत, व बहुत से गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

फोटो कैप्शन: भागवत कथा समापन पर पूर्णाहुति डालते हुए आयोजक व कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

इतिहास में पहली बार मुआवजा राशि में दस गुणा बढ़ोतरी, मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रख रही सुख की सरकार: आरएस बाली

धर्मशाला, 30 जुलाई। पर्यटन निगम के अध्यक्ष, कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखकर काम कर रही है और हिमाचल प्रदेश के इतिहास में मुआवजा...
article-image
हिमाचल प्रदेश

सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर खुले मन से करें आर्थिक सहयोग : उपायुक्त मुकेश रेपसवाल

एएम नाथ। चम्बा : जिला मुख्यालय चंबा में आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया गया। इस मौके पर सैनिक कल्याण विभाग ने उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपसवाल, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मैहरा के अलावा उपायुक्त...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

छतर सिंह ठाकुर को 60 मिले हजार वोट : छतर सिंह ठाकुर, अखिल अग्निहोत्री और राहुल चौहान के बीच अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला

एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश में युवा कांग्रेस की चुनाव प्रक्रिया पूरी होते ही शुक्रवार देर रात को परिणाम घोषित हुए। प्रदेश अध्यक्ष के लिए तीन नाम शॉर्ट लिस्ट हुए हैं। छतर सिंह...
article-image
पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

बुलेट ट्रेन पंजाब के 186 गांव से गुजरेगी : सर्वे के साथ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

पंजाब में केंद्र सरकार के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने पूरे देश में करीब 10 रूटों पर बुलेट ट्रेन चलाने की योजना बनाई है। इन...
Translate »
error: Content is protected !!