चंडीगढ़ : आंगनवाड़ी मुलाज़िम यूनियन पंजाब (सीटू) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज सोशल सिक्योरिटी, वूमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट विभाग की निदेशक डॉ. शेना अग्रवाल से मुलाकात कर राज्य भर की आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों को दरपेश गंभीर मुद्दों को उनके ध्यान में लाया। प्रतिनिधिमंडल में यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष हरजीत कौर पंजोला, जनरल सचिव सुभाष रानी, उपाध्यक्ष रणजीत कौर तथा ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स की जनरल सचिव उषा रानी शामिल थीं।
प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक डॉ. शेना अग्रवाल को बताया कि “मावां धियां सतिकार योजना” के तहत सर्वर लगातार डाउन रहने के कारण आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के कई क्षेत्रों में वर्करों के साथ बदसलूकी, धमकियों और हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं। विभागीय नाकामियों और तकनीकी खामियों का बोझ आंगनवाड़ी वर्करों के सिर मढ़ा जा रहा है, जो बिल्कुल अस्वीकार्य है।
प्रतिनिधिमंडल ने मजीठा क्षेत्र में आंगनवाड़ी वर्करों के किए गए गैर-नियमित तबादलों का मामला भी जोरदार ढंग से उठाया और कहा कि संगठन ऐसे दबंगई भरे फैसलों को कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगा। निदेशक डॉ. शेना अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि विभाग आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगा। उन्होंने कहा कि इस मामले संबंधी संबंधित डिप्टी कमिश्नरों से बातचीत की जाएगी और सभी डी.पी.ओज़ को निर्देश जारी किए जाएंगे कि वे मौके का जायजा लेकर वर्करों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
निदेशक डॉ. शेना अग्रवाल से संगठन के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों की सुरक्षा का प्रबंध नहीं किया गया, उन पर राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव बनाना जारी रहा या हमलों को नहीं रोका गया, तो आंगनवाड़ी मुलाज़िम यूनियन पंजाब (सीटू) “मावां धियां सतिकार योजना” के काम का पूर्ण बहिष्कार करने से गुरेज नहीं करेगी।
यूनियन ने चेतावनी दी कि सरकार और विभाग आंगनवाड़ी वर्करों को बलि का बकरा बनाने की बजाय अपनी नाकामियों की जिम्मेदारी स्वयं लें। आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर पहले ही कम मानदेय, बढ़ते कार्यभार और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रही हैं। अब उनकी जान और सम्मान को खतरे में डालकर कोई भी योजना नहीं चलाई जा सकती।
