मुख्यमंत्री सुक्खू को उल-जलूल फैसले लेने की आदत : जयराम ठाकुर

by

पंचायत चुनाव में रोस्टर के नाम पर शक्तियों का दुरुपयोग कर रही सरकार

एएम नाथ। शिमला :  हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बाहर पंचायत चुनाव के रोस्टर में किए गए बदलावों को लेकर भाजपा विधायक दल ने नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अगुवाई में जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। मीडिया को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला और कहा कि मुख्यमंत्री को बिना सोचे-समझे उल-जलूल फैसले लेने की आदत हो गई है, जिसके कारण बार-बार सरकार को अपने कदम पीछे खींचने पड़ते हैं और इससे पूरे प्रदेश में सरकार की जग हंसाई हो रही है। सदन के भीतर और बाहर उपजे इस विवाद की मुख्य जड़ राज्य सरकार द्वारा जिलों के उपायुक्तों (डीसी) को रोस्टर में पांच प्रतिशत तक बदलाव करने की दी गई छूट है, जिसे विपक्ष लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ मानता है। जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि नए नियमों के तहत ग्राम पंचायतों के वार्ड सदस्यों, प्रधानों और पंचायत समिति अध्यक्षों के आरक्षण रोस्टर में फेरबदल का जो अधिकार उपायुक्तों को दिया गया है, वह सीधे तौर पर सत्ता का दुरुपयोग है ताकि कांग्रेस अपने चहेते कार्यकर्ताओं को लाभ पहुंचा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा चुनाव को निष्पक्ष तरीके से करवाने की नहीं बल्कि उसे टालने की है और वह माननीय हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते हुए मनमाने फैसले ले रही है। प्रदर्शन के बाद भाजपा विधायक दल सदन के अंदर गया तो विधानसभा की कार्यवाही के दौरान भी यह मुद्दा गरमाया रहा, जहां विधायक रणधीर शर्मा द्वारा नियम 67 के तहत लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर तुरंत चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष ने भारी हंगामा किया, जिसके परिणामस्वरूप विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को सदन की कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
पंचायत चुनावों के आरक्षण रोस्टर पर विपक्ष द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव को खारिज करने पर विपक्ष ने फिर वॉकआउट किया और बाहर आकर मीडिया के समक्ष अपनी बात रखी।
नेता प्रतिपक्ष ने जोर देकर कहा कि भौगोलिक विषमताओं के नाम पर जो शक्तियां डीसी को सौंपी गई हैं, उनका इस्तेमाल केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है और भाजपा इस जनविरोधी निर्णय का डटकर विरोध करेगी क्योंकि यह पंचायती राज संस्थाओं की स्वायत्तता पर सीधा प्रहार है और सरकार को ऐसे तानाशाही फैसलों को तुरंत वापस लेना चाहिए।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

जिला परिषद की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित, 382.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को दी गई मंजूरी

एएम नाथ। मंडी, 22 दिसंबर।  जिला परिषद मंडी की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आज सोमवार को जिला परिषद सभागार, भ्यूली में जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में वर्ष...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

मैं युद्ध रोकने जा रहा हूं, अब कोई जंग नहीं होने देंगे – ट्रंप ने जंग को लेकर भी बड़ा बयान : इजरायल और यूक्रेन जंग की तरफ इशारा

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को देश के इतिहास में सबसे बड़ी राजनीतिक वापसी दर्ज करते हुए व्हाइट हाउस की दौड़ जीतने की ओर बढ़ रहे है. उन्होंने चुनाव में अपनी डेमोक्रेटिक...
article-image
हिमाचल प्रदेश

ड्रग्स मामलों में संलिप्त पाए गए 2 कर्मचारी बर्खास्त : ड्रग्स तस्करी में पकड़े जाने वाले सरकारी कर्मचारी होंगे तत्काल बर्खास्त : अपूर्व देवगन

 एएम नाथ। मंडी, 3 दिसम्बर।   उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि जिला प्रशासन ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर बेहद सख्ती से कार्य करना शुरू कर दिया...
article-image
हिमाचल प्रदेश

प्रदेश को विकास की बुलंदी तक पहुंचाने में जन-जन का योगदान: मुख्यमंत्री

ऊना। मुख्यमंत्री ने जय राम ठाकुर ने ‘प्रगतिशील हिमाचलः स्थापना के 75 वर्ष’ कार्यक्रमों की कड़ी में आज ऊना जिले के गगरेट में विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने इन 75...
Translate »
error: Content is protected !!