नवांशहर। कनवर अरोड़ा कंसल्टेंट के एमडी कनवर अरोड़ा ने बताया कि जिन छात्रों का बारहवीं के बाद 4-5 साल का गैप पड़ चुका है, किसी भी स्ट्रीम में आर्ट्स, कॉमर्स, मेडिकल, नॉन-मेडिकल, किसी भी बोर्ड जैसे पंजाब बोर्ड, सीबीएसई या किसी स्टेट बोर्ड से पास किया है, वे आईईएलटीएस के साथ या बिना आईईएलटीएस के अप्लाई कर सकते हैं। अगर किसी बच्चे ने डिग्री की है और 15 साल का गैप पड़ गया है, वह भी अप्लाई कर सकता है। जो व्यक्ति परिवार के साथ जाना चाहते हैं, किसी भी फील्ड में डिग्री हो, आईईएलटीएस में ओवरऑल 6.5 बैंड और कम से कम 6 बैंड होना जरूरी है, गैप के बाद भी अपने परिवार के साथ यूके स्टडी वीज़ा पर एक ही फ्लाइट में जा सकते हैं। जीएनएम जिन बच्चों ने की है और 7 से 8 साल का गैप पड़ गया है, वे यूके में हेल्थ सेक्टर में डिग्री कर सकते हैं, वह भी एक साल की और बिना आईईएलटीएस के। यूनिवर्सिटियां 7 लाख तक की स्कॉलरशिप प्रदान करती हैं, जिसका बच्चे फायदा उठा सकते हैं। इस समय यूके बच्चों की पहली पसंद बना हुआ है। पढ़ाई के बाद वर्क परमिट भी मिलता है। आईईएलटीएस ओवरऑल 6 और कम से कम 5.5 बैंड वाले भी अप्लाई कर सकते हैं। डिग्री वाले बच्चों के लिए चाहे 10 साल का गैप हो, स्वीकार है। आईईएलटीएस में 6.5 बैंड और कम से कम 6 बैंड होने पर अकेले या परिवार सहित जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जर्मनी स्टडी वीज़ा के भी अच्छे नतीजे आ रहे हैं। 12वीं के बाद 4-5 साल का और डिग्री के बाद 8-10 साल का गैप स्वीकार है। पढ़ाई के बाद वर्क परमिट भी मिलता है। कंपनी के जर्मनी यूनिवर्सिटियों के साथ एग्रीमेंट हैं। स्कॉलरशिप भी मिलती है और कम बजट में स्टूडेंट अप्लाई कर सकता है। उन्होंने बताया कि यूरोप देश फिनलैंड में बारहवीं के बाद स्पाउस के साथ अप्लाई किया जा सकता है। इच्छुक व्यक्ति उन्हें हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार हेड ऑफिस अरोड़ा टावर, बंगा रोड, नवांशहर और मंगलवार, वीरवार, शनिवार ब्रांच ऑफिस बंगा चौक, गढ़शंकर में मिल सकते हैं।
