सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद हाईकमान का फैसला, विजय इंदर सिंगला समेत कई नाम नए प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में
चंडीगढ़, 1 अक्तूबर। पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच X पर अपना परिचय बदलकर ‘Former PPCC President’ कर दिया। इसके साथ ही उनके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटने की चर्चा और तेज हो गई है। हालांकि नए अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
वड़िंग से जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाए जाने की खबरों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है और उचित समय पर जानकारी दी जाएगी। इससे पहले भी वह नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर स्पष्ट जवाब देने से बचते रहे हैं।
सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद बदलाव
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पंजाब कांग्रेस के प्रभारी महासचिव सचिन पायलट ने प्रदेश के नेताओं और पदाधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें कर संगठन की स्थिति पर फीडबैक लिया था। इसके बाद उन्होंने पार्टी हाईकमान को अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट और संगठन से मिले फीडबैक के आधार पर नेतृत्व परिवर्तन का फैसला किए जाने की बात सामने आई है।
राजा वड़िंग अप्रैल 2022 में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बने थे। उनके कार्यकाल के दौरान पार्टी में अलग-अलग नेताओं के बीच नेतृत्व और संगठन को लेकर मतभेद सामने आते रहे। 2027 के विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस हाईकमान अब प्रदेश संगठन के लिए नए नेतृत्व पर विचार कर रहा है।
सिंगला समेत कई नाम चर्चा में
पार्टी सूत्रों के मुताबिक पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए प्रमुखता से चर्चा में है। उनके अलावा जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह, पूर्व विधायक राणा के.पी. सिंह, राजा सांसी से विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम भी चर्चा में बताए जा रहे हैं।
विजय इंदर सिंगला ने हालांकि प्रदेश अध्यक्ष बनने की अटकलों पर कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और पार्टी कार्यकर्ता के रूप में उन्हें जो जिम्मेदारी दी जाएगी, वह उसे निभाएंगे।
2027 चुनाव से पहले संगठन में बदलाव
पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए प्रदेश संगठन का नया नेतृत्व महत्वपूर्ण होगा। पार्टी नेतृत्व की ओर से ऐसे नेता की तलाश किए जाने की बात सामने आई है जो विभिन्न गुटों के बीच समन्वय स्थापित कर संगठन को चुनावी तैयारी में आगे ले जा सके। हालांकि नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर अंतिम आधिकारिक घोषणा कांग्रेस हाईकमान की ओर से होना बाकी है।
