PIL पर सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया- UPSC से मिले पैनल पर विचार जारी; पंजाब में 2022 से नियमित DGP नहीं होने का याचिका में दावा
चंडीगढ़, 1 अक्तूबर। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप राज्य में रेगुलर डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव को अगली सुनवाई तक नियुक्ति संबंधी अनुपालन हलफनामा दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 को होगी।
यह आदेश अधिवक्ता निखिल थम्मन की ओर से दायर जनहित याचिका (CWP-PIL-252-2026) पर सुनवाई के दौरान आया। याचिका में कहा गया है कि पंजाब पुलिस के प्रमुख पद पर वर्ष 2022 से नियमित नियुक्ति नहीं हुई है और पद अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था से चल रहा है।
UPSC के पैनल पर सरकार कर रही विचार
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि UPSC द्वारा DGP की नियुक्ति के लिए अनुशंसित पैनल सरकार के सक्रिय विचाराधीन है। याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष कहा कि सरकार को UPSC का पैनल पहले ही प्राप्त हो चुका था, लेकिन अभी तक नियमित DGP की नियुक्ति नहीं हुई है।
याचिका में सुप्रीम कोर्ट के ‘प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ’ मामले में दिए गए निर्देशों का हवाला दिया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, राज्य के DGP का चयन UPSC द्वारा तैयार पैनल में शामिल अधिकारियों में से किया जाना चाहिए।
13 अक्टूबर को फिर होगी सुनवाई
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नियमित DGP की नियुक्ति की दिशा में कार्रवाई करने और मुख्य सचिव को अगली तारीख तक अनुपालन हलफनामा रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया है। अब अदालत 13 अक्टूबर को यह देखेगी कि सरकार ने निर्देशों के अनुपालन में क्या कदम उठाए हैं।
याचिकाकर्ता निखिल थम्मन ने पत्रकारों से कहा कि यदि निर्धारित समय तक नियुक्ति नहीं होती है तो वह मुख्य सचिव के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने पर विचार करेंगे। यह उनका बयान है; अदालत के आदेश में ऐसी अवमानना कार्रवाई का स्वतः निर्देश नहीं दिया गया है।
