राज्यपाल महोदय के साथ कुछ दिनों पहले ही शिकारी देवी गया था तब नज़ारे अलग थे : जयराम ठाकुर
सुविधाएं स्थाई रूप से बहाल करने पर सरकार को देना होगा जोरता
नेता प्रतिपक्ष ने जेसीबी ऑपरेटर और टिप्पर चालक के निधन पर जताया शोक
एएम नाथ। मण्डी : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के साथ आपदा प्रभावित क्षेत्रों बगस्याड, थुनाग, देजी, लंबाथाच, पांडव शिला, जंजैहली के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावितों से मिले और उनसे दुःख सुख साझा किया। साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्र में आने के लिए और आपदा प्रभावितों के लिए रेड क्रॉस के द्वारा सहायता भेजने के लिए राज्यपाल का आभार जताया।
उन्होंने कुछ दिन पहले राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के साथ शिकारी देवी की यात्रा की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि प्रकृति की खूबसूरती देखकर राज्यपाल महोदय ने कहा था कि यह इलाका पर्यटन के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। भविष्य में यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। हमने भी इस इलाके को सजाने संवारने में अपना जीवन गुजार दिया। लेकिन एक ही रात में हमारे सालों की मेहनत बर्बाद हो गई।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमारे लोगों का जीवन चला गया, घर चले गए, पशुधन चला गया, बाग बगीचे चले गए, खेत खलियान चले गए। हमारे हृदय में इस त्रासदी की जो पीड़ा है उसे बयां करने के लिए शब्द नहीं है। बस हम इतना जानते हैं की हमें इन परिस्थितियों से पार पाना है। सर्दियों के पहले लोगों के लिए अस्थाई लेकिन मजबूत ठिकाना बनाना है। 500 से ज्यादा घर पूरी तरह से बह गए हैं, 1000 से ज्यादा घर अब रहने लायक नहीं बचे, हजार से ज्यादा गौशालाएं और पशुधन इस त्रासदी ने हमसे छीन लिए।
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पूरे इलाके में पेयजल की जो भी सुविधाएं हैं वह अस्थाई हैं, सड़कें भी अस्थाई तौर पर ही खोली जा सकी है। कल जब बारिश का मौसम खत्म होगा तो लोगों तक कहां से पानी पहुंचेगा। उठाऊ पेयजल योजनाएं पूरी तरीके से ध्वस्त हो गई हैं। उन्होंने कहा की आपदा के समय लोगों ने हमारी भरपूर मदद की है उसके लिए सभी का हृदय से आभार। अब हमारा ध्यान पूरी तरीके से पुनर्वास की योजनाओं को क्रियान्वित करने पर है।
सभी विषयों को लेकर मैंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण, ऊर्जा तथा शहरी एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल खट्टर, जल संसाधन मंत्री सीआर पाटील से मुलाकात की। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मैंने मुलाकात की और उन्हें आपदा प्रभावित क्षेत्र की वर्तमान स्थिति से अवगत करवाया। अपनी विदेश यात्रा से आते ही उन्होंने मुलाकात के लिए समय दिया। प्रधानमंत्री ने विस्तार से नुकसान का ब्यौरा लिया और हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन की सरकार तानाशाही के रास्ते पर चल रही है। अपनी नाकामी छुपाने के लिए सरकार बार-बार पत्रकारों पर मुकदमे लाद रही है। कोई भी बात सरकार को ठीक ना लगे तो सरकार उसे सुधारने की बजाय पत्रकारों पर सीधे मुकदमे लाद कर उन्हें डराना चाहती है। सरकार का यह तानाशाही पूर्ण रवैया ठीक नहीं है। इस तरीके से सरकार और सिस्टम को आईना दिखाने वाले लोगों पर बार-बार मुकदमा करके सरकार अपनी नाकामी नहीं छुपा सकती है। इस मामले में मुख्यमंत्री को दखल देना चाहिए।
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जयराम ठाकुर ने जयंती के अवसर पर हिमाचल निर्माता डॉक्टर यशवंत परमार को किया याद
जयराम ठाकुर ने हिमाचल निर्माता डॉक्टर यशवंत परमार की 119 वीं जयंती पर उन्हें याद करते हुए अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि हिमाचल के निर्माण में डॉक्टर परमार की अविस्मरणीय भूमिका है। हिमाचल के विकास, हिमाचल की संस्कृति, परंपरा और हिमाचलीयत को संजोने और संवारने में उनका योगदान अद्वितीय है। उनकी दूरदर्शिता ने न सिर्फ हिमाचल के एक पूर्ण राज्य के सपने को साकार किया अपितु हिमाचल की संस्कृति और विरासत को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का हिमाचल प्रदेश ऋणी रहेगा।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर में कुमार सैन में हुए हादसे में बल्ह निवासी जेसीबी ऑपरेटर दिनेश कुमार और बाली चौकी में हुए हादसे में टिप्पर चालक हेमराज के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि शिमला के कुमारसैन में सड़क खोलते समय हुए हादसे में जिला मण्डी के बल्ह निवासी जेसीबी ऑपरेटर श्री दिनेश कुमार जी की मृत्यु अपने दायित्वों के निर्वहन करते हुई। इसी तरह बालीचौकी के परजौली (नौणा) में लोक निर्माण विभाग के टिप्पर के दुर्घटनाग्रस्त होने से मण्डी सदर निवासी चालक हेमराज की दुःखद मृत्यु हो गई और उनके सहयोगी कश्मीर सिंह घायल हो गए थे। आपदा ग्रस्त लोगों को राहत प्रदान करने के लिए दोनों लोगों ने बहादुरी से काम करते हुए अपनी जान दी है। ऐसे कर्मवीरों को शत-शत नमन है।
