पुतिन से ईंधन आपूर्ति पर सहमति का दावा; रूसी रिफाइनरियों पर हमले रोकने की चेतावनी, युद्ध खत्म करने के लिए नए नेतृत्व की वकालत
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ डीजल आपूर्ति को लेकर समझौते की घोषणा के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर निशाना साधा है। ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन को ऐसे नए नेता की जरूरत है, जो रूस के साथ बातचीत करके युद्ध समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ सके। उनकी यह टिप्पणी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ ईंधन आपूर्ति को लेकर हुई बातचीत के बाद सामने आई है।
ट्रंप ने यूक्रेन की ओर से रूसी तेल रिफाइनरियों और डीजल उत्पादन केंद्रों पर किए जा रहे हमलों की भी आलोचना की। उन्होंने जेलेंस्की से इन हमलों को तत्काल रोकने की मांग की। हालांकि, नए राष्ट्रपति की जरूरत बताने वाली उनकी टिप्पणी को सत्ता परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
‘यूक्रेन को नया नेता चुनना चाहिए’
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने जेलेंस्की के रूस के साथ समझौता करने के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को ऐसा नेतृत्व चुनना चाहिए, जो रूस के साथ समझौता कर सके और युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत करे।
ट्रंप का तर्क है कि रूस-यूक्रेन युद्ध को रोका जा सकता था और उनके राष्ट्रपति रहने पर 2022 में यह युद्ध शुरू नहीं होता। उन्होंने युद्ध में हुए नुकसान और जनहानि का जिक्र करते हुए जेलेंस्की के नेतृत्व की आलोचना की। <Cite refs={[“turn613772news21″,”turn613772search12”]}/>
रूसी रिफाइनरियों पर हमले रोकने की चेतावनी
ट्रंप ने यूक्रेन को रूसी ऊर्जा ढांचे, खासकर डीजल बनाने वाली रिफाइनरियों पर हमले रोकने की चेतावनी दी। उनका कहना है कि ऐसे हमलों से केवल रूस ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने जेलेंस्की से रूसी रिफाइनरियों को निशाना नहीं बनाने के लिए कहा था। इसके बावजूद यूक्रेन की ओर से इन ठिकानों पर हमले जारी रहने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
दूसरी ओर, जेलेंस्की ने कहा है कि यदि रूस यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकता है, तो यूक्रेन भी रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने के लिए तैयार है। इस तरह दोनों पक्षों के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने का मुद्दा युद्ध से जुड़े तनाव के बीच महत्वपूर्ण बन गया है। <Cite refs={[“turn613772news20″,”turn613772news21”]}/>
पुतिन के साथ डीजल आपूर्ति पर क्या बनी सहमति?
ट्रंप ने 9 अक्टूबर को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर रूस के साथ डीजल आपूर्ति को लेकर बातचीत सफल रहने का दावा किया था। उनके अनुसार, रूस तत्काल अमेरिका और वैश्विक बाजार को 3 लाख टन से अधिक डीजल उपलब्ध कराएगा।
ट्रंप की घोषणा के मुताबिक, नवंबर में अतिरिक्त 5 लाख टन और उसके बाद 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा, रूस की रिफाइनरियों की क्षमता और स्थिति के आधार पर 30 लाख टन डीजल की अतिरिक्त आपूर्ति भी प्रस्तावित है। <Cite refs={[“turn613772news25″,”turn613772search0”]}/>
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि अतिरिक्त आपूर्ति से ईंधन की कीमतें कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस आपूर्ति का वास्तविक प्रभाव बाजार की स्थिति और खेपों के पहुंचने पर निर्भर करेगा।
रूस को आर्थिक फायदा मिलने पर उठे सवाल
रूस के साथ डीजल आपूर्ति की घोषणा ने यूक्रेन और उसके समर्थकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। आलोचकों का तर्क है कि रूसी ईंधन की खरीद से मॉस्को को राजस्व मिल सकता है, जिसका अप्रत्यक्ष लाभ युद्ध जारी रखने की उसकी क्षमता को भी हो सकता है।
इस बीच, अमेरिका की ओर से रूसी डीजल की आपूर्ति के लिए प्रतिबंधों में अस्थायी छूट दिए जाने की भी खबर है। इस घटनाक्रम ने रूस पर आर्थिक दबाव बनाए रखने की पश्चिमी नीति और अमेरिका की घरेलू ईंधन कीमतें कम करने की कोशिशों के बीच टकराव को सामने ला दिया है। <Cite refs={[“turn613772news26″,”turn613772news23”]}/>
युद्ध और ऊर्जा बाजार पर टिकी दुनिया की नजर
ट्रंप की टिप्पणियों और रूस के साथ डीजल आपूर्ति की घोषणा से यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी नीति पर नई बहस शुरू हो गई है। एक तरफ वाशिंगटन ईंधन की कीमतें कम करने के लिए रूस से आपूर्ति बढ़ाने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ जेलेंस्की पर युद्ध समाप्त करने के लिए नया राजनीतिक रास्ता अपनाने का दबाव बना रहा है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि डीजल आपूर्ति की घोषित मात्रा किस समयसीमा में पूरी होगी और इसका अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर कितना असर पड़ेगा। वहीं, यूक्रेन के नेतृत्व को लेकर ट्रंप की टिप्पणी ने दोनों देशों के बीच पहले से जारी तनाव को एक नया राजनीतिक आयाम दे दिया है।
