पार्टी नेतृत्व और सरकार पर सुनवाई नहीं करने का आरोप…. कहा- मेरा बच्चा भी सरकारी स्कूल में पढ़ता है, स्कूलों की समस्याएं उठाना मेरी जिम्मेदारी है
एएम नाथ। बठिंडा। आम आदमी पार्टी के मौड़ विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना शनिवार को सोशल मीडिया लाइव के दौरान भावुक हो गए और कई बार रोते नजर आए। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि वह लंबे समय से पार्टी नेतृत्व और सरकार के सामने यह समस्या रखते आ रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इस घटनाक्रम की शनिवार को प्रकाशित रिपोर्टों में भी पुष्टि हुई है।
मैसरखाना ने कहा कि वह अपने हलके के लोगों के प्रति जवाबदेह हैं। स्कूलों में शिक्षकों की कमी होने पर जनता उनसे सवाल करती है, इसलिए वह लगातार इस मुद्दे को सरकार तक पहुंचाते रहे हैं।
‘मेरा बच्चा भी सरकारी स्कूल में पढ़ता है’
विधायक ने कहा कि उनका बच्चा भी स्कूल ऑफ एमिनेंस में पढ़ता है और वहां स्टाफ की कमी है। उन्होंने कहा कि स्कूल के शिक्षक उनके बेटे से भी शिक्षकों की कमी पूरी करवाने के लिए अपने पिता से कहने की बात करते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब वह खुद अपने बच्चे को सरकारी स्कूल में पढ़ा रहे हैं तो स्कूलों की समस्याओं को सामने रखना गलत कैसे हो सकता है। मैसरखाना पहले भी सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर सार्वजनिक रूप से चर्चा में रहे हैं।
‘मुख्यमंत्री ने बुलाया, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी’
मैसरखाना ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें एक बार मुलाकात के लिए बुलाया था, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि वह लगातार अपनी समस्याएं पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाते रहे, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुनवाई नहीं मिली।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आशंका है कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी टिकट काटी जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता है तो भी उन्हें इसकी चिंता नहीं है।
जेल भेजे जाने की आशंका भी जताई
लाइव के दौरान विधायक ने आशंका जताई कि उनके खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति आने पर भी वह अपने हलके के लोगों की समस्याओं को उठाना बंद नहीं करेंगे।
मैसरखाना अपने बच्चों का जिक्र करते हुए भी भावुक हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बच्चे को परेशान और अपमानित किया जा रहा है और सवाल किया कि बच्चों को राजनीति में क्यों लाया जा रहा है।
‘मैं अपने हलके की लड़ाई लड़ते-लड़ते हार गया’
भावुक होते हुए विधायक ने कहा कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के लिए लगातार आवाज उठाई, लेकिन अब उन्हें लग रहा है कि वह यह लड़ाई लड़ते-लड़ते हार गए हैं।
उनके इस लाइव बयान के बाद आम आदमी पार्टी सरकार और विधायक के बीच शिक्षा व्यवस्था को लेकर मतभेद सार्वजनिक चर्चा में आ गए हैं। विधायक के आरोपों पर पंजाब सरकार और पार्टी नेतृत्व की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा मंत्री ने उनकी आलोचना को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
