व्हाट्सएप पर मिलेगी जमाबंदी : सीएम भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल ने शुरु किया ‘ईजी जमाबंदी’ पोर्टल

by

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान और दिल्ली के पूर्व मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को पंजाब के नागरिकों को भ्रष्टाचार मुक्त, सुचारू, परेशानी रहित और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने के लिए ‘ईजी जमाबंदी’ पोर्टल की शुरुआत की।

इस दौरान दोनों नेताओं ने कहा कि इस पहल के साथ राजस्व विभाग की प्रमुख सेवाओं को प्रदान करने की प्रक्रिया से भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ने के लिए एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इन सेवाओं से हर साल लाखों लोगों का सीधा संबंध होता है। कहा कि कुछ दिन पहले पंजाब ने ‘ईजी रजिस्ट्री’ की शुरुआत की थी। जिसका उद्देश्य संपत्ति रजिस्ट्री को सरल, पारदर्शी बनाना और भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त करना है।

15 जुलाई तक पूरे पंजाब में कर दिया जाएगा लागू

भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने मोहाली में ‘ईजी रजिस्ट्री’ का उपक्रम शुरू किया था, जो लोगों के लिए बड़ी सफलता साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले महीने पूरे जिले से भ्रष्टाचार की एक भी शिकायत दर्ज नहीं हुई है। जो इस पहल की शानदार सफलता को दर्शाता है। दोनों नेताओं ने कहा कि इस ‘ईजी रजिस्ट्री’ को 15 जुलाई तक पूरे पंजाब में लागू कर दिया जाएगा। कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब के लोगों से भ्रष्टाचार मुक्त शासन का वादा किया था और आज यहां से शुरू हुआ। दोनो नेताओं ने कहा कि यह पोर्टल लोगों को पांच प्रमुख सेवाएं प्रदान करेगा। जिनमें व्हाट्सएप पर जमाबंदी प्राप्त करना, इंतकाल करवाना, रपट एंट्री और फर्द बदर (भूमि रिकॉर्ड में सुधार) के लिए ऑनलाइन सेवाएं शामिल हैं। इसका विस्तार से उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप के माध्यम से जमाबंदी प्राप्त करने का निर्णय लोगों को बड़े पैमाने पर सुविधा प्रदान करेगा, क्योंकि हर साल 40 लाख लोगों को भूमि रिकॉर्ड की फर्द (जमाबंदी) प्राप्त करने के लिए या तो अपने पटवारी के पास चक्कर काटने पड़ते थे या फर्द केंद्रों पर जाना पड़ता था।

अब भूमि रिकॉर्ड के लिए पटवारी के पास जाने या रिश्वत देने की जरूरत नहीं

भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब भूमि रिकॉर्ड के लिए पटवारी के पास जाने, कतारों में खड़े होने या रिश्वत देने की कोई जरूरत नहीं है। अब केवल ‘ईजी वेबसाइट’ पर जाकर अपने विवरण दर्ज करने हैं और उन्हें जमाबंदी की प्रति मुफ्त में मिल जाएगी। कहा कि इस जमाबंदी पर डिजिटल हस्ताक्षर होंगे और इसमें क्यूआर कोड भी होगा। जिसके माध्यम से कोई भी भूमि रिकॉर्ड की सत्यता की जांच के लिए क्यूआर कोड को स्कैन कर सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब के 99 प्रतिशत गांवों के भूमि रिकॉर्ड को डिजिटाइज कर दिया है, सभी भूमि रिकॉर्ड इस सेवा के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते हैं और साथ ही बचे हुए गांवों को भी अगले दो महीनों में डिजिटाइज कर दिया जाएगा। इस दौरान उन्होने ऑनलाइन इंतकाल सेवा के बारे में विवरण देते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि हर साल आठ लाख इंतकाल होते हैं। जिनमें 6 लाख भूमि रजिस्ट्री के बाद और 2 लाख वंशानुगत इंतकाल शामिल हैं। कहा कि भूमि खरीदने या वंशानुगत संपत्ति की मालिकाना हक के लिए इंतकाल के लिए महीनों तक भागदौड़ करनी पड़ती थी और बड़ी बाधाएं आती थी। अब पटवारी लोगों के रास्ते में रोड़ा नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि यदि कोई अपनी भूमि की रजिस्ट्री करवाता है, तो इसका इंतकाल स्वतः 30 दिनों के भीतर हो जाएगा। वंशानुगत भूमि के मामले में आवेदक ‘ईजी जमाबंदी’ वेबसाइट पर इंतकाल के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। इस बारे में उन्हें पूरी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का व्हाट्सएप के माध्यम से अपडेट मिलेगा।

भूमि रिकॉर्ड को ठीक करने के लिए अब चक्कर लगाने की जरूरत नहीं

इस दौरान उन्होने रपट एंट्री के बारे में बात करते हुए कहा कि हर साल लगभग 2 लाख रपट एंट्री की जाती हैं। अब मैनुअल प्रक्रिया या कार्यालयों के झंझट में पड़ने की कोई जरूरत नहीं है। प्रत्येक केस मैनुअल कार्रवाई या लालफीताशाही के बिना सीधे पटवारी से डिजिटल रूप में परिवर्तित हो जाएगा। अदालती आदेशों के लिए एक दिन के भीतर और ऋणों के लिए सात दिनों के भीतर रपट एंट्री की जाएगी। फर्द बदर (भूमि रिकॉर्ड में संशोधन) के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हर साल लगभग 60,000 फर्द बदर (रिकॉर्ड में संशोधन) के लिए अनुरोध प्राप्त होते हैं। भूमि रिकॉर्ड में त्रुटियों को ठीक करने के लिए लोगों को अब कार्यालयों के चक्कर लगाने जरूरत नहीं पड़ेगी। कहा कि इस संबंध में अब आवश्यक दस्तावेजों के साथ एक साधारण फॉर्म ऑनलाइन जमा किया जा सकता है और आवेदन की प्रक्रिया 15 दिनों की समय सीमा के भीतर पूरी की जाएगी।

अपने भूमि रिकॉर्ड के लिए सब्सक्राइब करें पोर्टल की शुरुआत

जमाबंदी के लिए सब्सक्राइब करें के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि भूमि मालिकाना हक की सुरक्षा के लिए, विशेष रूप से एनआरआई समुदाय के लिए ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पंजाब सरकार ने “अपने भूमि रिकॉर्ड के लिए सब्सक्राइब करें” पोर्टल की शुरुआत की है। कहा कि पहले कई भूमि रिकॉर्ड में मालिक की जानकारी के बिना ही बदलाव कर दिए जाते थे और अक्सर उन्हें कई सालों बाद पता चलता था। जिसके बाद उन्हें इस रिकॉर्ड को ठीक करवाने के लिए अदालतों में लंबे कानूनी संघर्ष का सामना करना पड़ता था। कहा कि भूमि मालिक अब सरकार की वेबसाइट पर जाकर प्रति खेवट 500 रुपए की वार्षिक शुल्क देकर अपने भूमि रिकॉर्ड को सब्सक्राइब कर सकते हैं। बताया कि इस कदम से वे दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर डिजिटल रूप में अपनी भूमि को सुरक्षित करने में सक्षम होंगे।

राजस्व विभाग की वेबसाइट पर घर बैठे होगा काम

कहा कि जमाबंदी (भूमि रिकॉर्ड की प्रति), इंतकाल और फर्द बदर (रिकॉर्ड में संशोधन) जैसी सेवाओं के लिए पहले प्रत्येक व्यक्ति को पटवारियों या तहसीलदारों के पास खजल होना पड़ता था। इन कार्यालयों में अक्सर भ्रष्टाचार का बोलबाला था, लेकिन अब लोगों को बार-बार पटवारियों या तहसीलदारों के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कहा कि अब कोई भी व्यक्ति अपने घर बैठे राजस्व विभाग की वेबसाइट easyjamabandi.punjab.gov.in के माध्यम से केवल एक क्लिक पर ये सेवाएं प्राप्त कर सकता है। इसके साथ ही 1076 पर डायल करके या किसी भी सेवा केंद्र में आवेदन जमा करके भी इन सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है।

 

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

पंजाब

अति शर्मनाक घटना : नाबालिग से 8 महीनों तक 80 लोगों ने किया दुष्कर्म, सभी गिरफ्तार

आंध्र प्रदेश  :  आंध्र प्रदेश से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक नाबालिग लडक़ी के साथ 80 अपराधियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया तथा यह कार्य 8 महीने तक जारी...
article-image
पंजाब

पुरानी पेंशन योजना प्राप्ति हेतु लगाए जा रहे संगरूर मोर्चे के लिए किया  लामबंद

गढ़शंकर, 10 सितंबर: पुरानी पेंशन प्राप्ति फ्रंट पंजाब (पीपीपीएफ) की राज्य कार्यकारिणी के फैसले के अनुसार नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) को रद्द कर पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने के लिए 1 अक्तूबर से...
article-image
पंजाब

सीएम मान का भाजपा पर निशाना, कहा- ईडी और सीबीआई के सहारे कर रहे चुनावी तैयारी

चंडीगढ़, 17 अप्रैल । पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग विपक्षी दलों,...
article-image
पंजाब

“SHO Dasuya Prabhjot Kaur calls

“Dasuya/Hoshiarpur /Daljeet Ajnoha/jan.18 : Renowned Educationist and journalist Sanjiv Kumar engaged in a meaningful discussion with SHO Dasuya, Prabhjot Kaur. During the interaction, SHO Prabhjot Kaur emphasized her commitment to transforming Dasuya into a...
Translate »
error: Content is protected !!