शिमला के नेरवा पहुंचा मस्जिद विवाद, अवैध निर्माण के खिलाफ हिंदू संगठनों ने निकाली रैली

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रोहित भदसाली।  शिमला : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के उपनगर संजौली में मस्जिद विवाद को लेकर जो चिंगारी सुलगी थी वो अब पूरे प्रदेश में फैल चुकी है। शिमला जिले के चौपाल उपमंडल के नेरवा में गुरुवार को भारी तादाद में हिंदू समाज के लोग सड़कों पर उतर आए।  लोगों ने यह प्रदर्शन करणी सेना और हिंदू संगठनों के आह्वान पर किया।

प्रदर्शनकारियों ने मस्जिदों में अवैध निर्माण और बाहरी राज्यों से आने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों का पंजीकरण न होने पर अपना गुस्सा जाहिर किया। खास बात यह रही कि हिंदू संगठनों के आह्वान पर विरोध जताने के लिए नेरवा के सभी व्यापारियों ने सुबह से अपनी दुकानें भी बंद रखीं। इस दौरान प्रशासन की ओर से भी भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।

हिंदू संगठनों ने नेरवा बाजार से डुंडी माता मंदिर तक रैली निकाली। इस दौरान स्थानीय लोगों ने एक विशेष समुदाय के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने यहां बनी एक मस्जिद की ओर बढ़ने की भी कोशिश की। लेकिन दल-बल के साथ मौजूद पुलिस ने इन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

दरअसल शिमला में बीते 11 सितंबर को मस्जिद के अवैध हिस्से के खिलाफ किए गए प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज से करणी सेना और हिंदू संगठन भड़क गए थे। इसलिए इन्होंने गुरुवार को नेरवा में प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश में बढ़ रही बाहरी लोगों की संख्या पर अंकुश लगाने और उनका वेरिफिकेशन कराने की मांग की।

संजौली मस्जिद मामले में प्रदर्शन के चलते हिंदू जागरण मंच के नेता कमल गौतम भी नेरवा पहुंचे थे। संजौली में हुए प्रदर्शन में इन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था। कमल गौतम ने नेरवा में प्रदर्शन के दौरान कहा कि संजौली में हुए प्रदर्शन के दौरान बुजुर्गों, महिलाओं के अलावा युवाओं पर भी पुलिस ने लाठियां भांजी। यह प्रदेश सरकार के इशारे पर हुआ। उन्होंने कहा कि नेरवा व चौपाल नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में बाहर से आने रहे लोगों ने अवैध कब्जे किए हैं। हिंदू होने के नाते हम सबका अपनी देव भूमि के लिए यह कर्तव्य बनता है, कि हम अपनी भूमि की रक्षा करें।

5 अक्टूबर को संजौली मस्जिद मामले की सुनवाई :   मस्जिद विवाद को लेकर हिंदू संगठनों के आह्वान पर जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। इससे पहले शिमला से सटे सुन्नी में लोगों ने प्रदर्शन किया था। इसके अलावा मंडी, पांवटा साहिब, चंबा और हमीरपुर में भी हिंदू समाज के लोग सड़कों पर उतर कर अपना आक्रोश जाहिर कर चुके हैं। मंडी की मस्जिद में अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम प्रशासन अवैध हिस्से को गिराने के आदेश दे चुका है। वहीं शिमला के संजौली मस्जिद विवाद मामले में नगर निगम आगामी पांच अक्टूबर को मामले की सुनवाई करेगा।

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