शीतलपुर में प्रस्तावित नए शहर का ग्रामीणों व भाजपा ने किया कड़ा विरोध

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परियोजना को बताया पर्यावरण व किसान विरोधी, आंदोलन व कानूनी लड़ाई की चेतावनी

बद्दी, 6 जनवरी (तारा) :  बद्दी के निकट शीतलपुर क्षेत्र में चंडीगढ़ की तर्ज पर प्रस्तावित नए शहर को लेकर ग्रामीणों के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी ने भी कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों व भाजपा नेताओं ने इस परियोजना को पर्यावरण और किसान विरोधी करार देते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की है। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष गुरमेल चौधरी ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पर्यावरण प्रेमी होने के नाते वे इस परियोजना का पूरी तरह विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में कांग्रेस सरकार हिम-चंडीगढ़ की तर्ज पर शहर विकसित करना चाहती है, वहां हजारों पेड़ मौजूद हैं। बद्दी-नालागढ़ क्षेत्र पहले ही प्रदूषण की गंभीर समस्या झेल रहा है। इन पंचायतों के समीप औद्योगिक क्षेत्र का कूड़ा एकत्र किया जाता है और सीईटीपी प्लांट भी यहीं स्थापित है, जिसके चलते आसपास के लोग स्वच्छ हवा में सांस तक नहीं ले पा रहे हैं।
गुरमेल चौधरी ने कहा कि जहां सरकार को शहर के प्रदूषण को कम करने के लिए पौधारोपण करना चाहिए, वहीं वह लगे हुए पेड़ों को काटकर शहर बसाने की योजना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है और इस परियोजना में भी उसकी गलत मंशा स्पष्ट झलकती है। किसानों की जमीन को सस्ते दामों पर अपने मित्रों को दिलाने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी सूरत में सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बद्दी के निकट भटोलीकलां और मंधाला में हिमुडा द्वारा चलाई जा रही परियोजनाओं के कारण लोगों का जीवन कठिन हो चुका है। इन क्षेत्रों में लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, जिससे जनता का भरोसा ऐसी परियोजनाओं से उठ चुका है। इसी कारण मलपुर पंचायत, हरिपुर संडोली और शीतलपुर क्षेत्र के लोगों ने प्रस्तावित शहर का खुलकर विरोध किया है। गुरमेल चौधरी ने स्पष्ट किया कि किसानों और पंचायतवासियों की इस लड़ाई में भाजपा उनके साथ है। जरूरत पड़ी तो आंदोलन किया जाएगा और अदालत का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने कहा कि कुछ माह पूर्व सरकार ने नगर परिषद को नगर निगम में बदलने का निर्णय जनता के विरोध के बावजूद थोप दिया था। इस मामले में पंचायत प्रतिनिधि न्यायालय गए और उन्हें जीत मिली। उच्च न्यायालय ने सरकार को उसके फैसले पर आईना दिखाया। इस जीत के लिए सभी पंचायत प्रतिनिधि बधाई के पात्र हैं।

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