अपनी खेल, शिक्षा उपलब्धियों का श्रेय उन्होंने अपने अध्यापकों को दिया
बददी, 14 मई (तारा) : उद्योग नगरी बददी के प्रतिभाशाली छात्र अभिमन्यु भारद्वाज ने सी.बी.एस.ई कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 97.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय तथा क्षेत्र में प्रथम स्थान हासिल किया है। इस शानदार उपलब्धि से उन्होंने अपने परिवार, विद्यालय और पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। अभिमन्यु ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नर्सरी से ही श्री औरोबिंदो पब्लिक स्कूल बददी में प्राप्त की और अपनी मेहनत, अनुशासन तथा निरंतर समर्पण के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की। पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अभिमन्यु आज विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं। अभिमन्यु के पिता डाबर इंडिया लिमिटेड बददी में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता अध्यापिका हैं। अभिमन्यु ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के निरंतर सहयोग, कठिन परिश्रम और उन पर किए गए अटूट विश्वास को दिया है। उनका कहना है कि माता-पिता के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने उन्हें हर परिस्थिति में आगे बढऩे की प्रेरणा दी। विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों ने भी अभिमन्यु की इस उपलब्धि पर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वह विद्यालय के सबसे अनुशासित, मेहनती और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि अभिमन्यु ने यह सिद्ध कर दिया है कि समर्पण और संतुलित जीवनशैली के माध्यम से शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है। अभिमन्यु केवल शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि एथलेटिक्स में भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं। वे 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ प्रतियोगिताओं में हिमाचल प्रदेश का पाँच बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त वे राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में तीन बार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। अपनी खेल, शिक्षा उपलब्धियों का श्रेय उन्होंने अपने अध्यापकों। को दिया है, जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा ने उन्हें निरंतर आगे बढऩे की शक्ति दी। अभिमन्यु का मानना है कि समय प्रबंधन, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं। शिक्षकों और स्थानीय लोगों के अनुसार अभिमन्यु की सफलता यह सिद्ध करती है कि यदि विद्यार्थी दृढ़ निश्चय और संतुलन के साथ आगे बढ़ें तो वे शिक्षा और खेल—दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
