संपत्ति कर को लेकर भ्रांतियां निराधार, समय पर भुगतान पर मिलेगी छूट- नगर निगम बनने के बाद नहीं लगाया गया कोई नया कर – नगर निगम आयुक्त

by
रोहित जसवाल। ऊना, 28 फरवरी। नगर निगम बनने के बाद गृह कर व संपत्ति कर को लेकर विभिन्न तरह की भ्रांतियां और भ्रामक खबरें सामने आ रही हैं, जो पूरी तरह से निराधार हैं। नगर निगम ऊना के आयुक्त एवं अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में स्पष्ट किया कि नगर निगम क्षेत्र में किसी भी तरह का नया कर नहीं लगाया गया है। केवल पूर्व नगर परिषद ऊना में लागू संपत्ति कर की दरों के अनुसार ही कर वसूली की जा रही है।
आयुक्त ने बताया कि नगर निगम ने नागरिकों की सुविधा के लिए यह प्रावधान किया है कि जो करदाता 1 से 15 मार्च के बीच अपने बिलों का भुगतान करेंगे, उन्हें 10 से 15 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पूर्व नगर परिषद द्वारा संपत्ति कर की दरें पहले ही निर्धारित की जा चुकी थीं और वही प्रणाली वर्तमान में लागू है। यह दरें साल 2023 में हिमाचल प्रदेश सरकार के राजपत्र में भी प्रकाशित की गई थीं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सटीक जानकारी के लिए नगर निगम कार्यालय से संपर्क करें।
आयुक्त ने जानकारी दी कि ऊना शहर में ड्रोन सर्वे के माध्यम से प्रत्येक घर की मैपिंग की गई है। इस प्रक्रिया में नागरिकों से उनकी जमीन और मकानों की पूरी जानकारी ली गई, जिसके आधार पर गृहकर के बिल जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कर केवल पूर्व नगर परिषद क्षेत्र पर पहले से ही लागू हैं और नए निगम क्षेत्रों पर इसका कोई प्रभाव नहीं है।
विकास कार्यों पर नहीं पड़ेगा कोई असर
श्री गुर्जर ने बताया कि पूर्व नगर परिषद क्षेत्र के साथ लगती 13 पंचायतें पूर्ण रूप से और 1 पंचायत आंशिक रूप से नगर निगम में सम्मिलित हो चुकी हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि निगम में शामिल पंचायतों में कन्वर्जेंस और मनरेगा के तहत चल रहे विकास कार्यों की फंडिंग और भुगतान में कोई रुकावट नहीं आएगी। पूर्व में स्वीकृत सभी विकास कार्य पहले की तरह जारी रहेंगे, हालांकि नई परियोजनाओं की मंजूरी फिलहाल नहीं दी जाएगी।
पंचायत अथवा नगर निगम…लोगों के पास जन्म, विवाह और मृत्यु प्रमाण पत्र लेने के दोनों विकल्प
आयुक्त ने बताया कि शादी, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर नागरिकों के पास दोनों विकल्प उपलब्ध हैं। ये प्रमाणपत्र पूर्व की भांति संबंधित पंचायतों के माध्यम से भी जारी किए जा रहे हैं, इसके अलावा लोग नगर निगम में भी इन्हें प्राप्त कर सकते हैं।
संपत्तियों की इन्वेंट्री बनाने का कार्य शुरू
इसके अलावा, उन्होंने जानकारी दी कि पंचायत सचिवों को अपने क्षेत्र में चल और अचल संपत्तियों की इन्वेंट्री तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह इन्वेंट्री उपायुक्त के माध्यम से नगर निगम को स्थानांतरित की जाएगी, जिसका कार्य शुरू किया जा चुका है।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

18 महीने में हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने लिया 27000 करोड़ का कर्ज : अनुराग ठाकुर

रोहित भदसाली। शिमला :  पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने पिछले 18 महीनों में 27,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया है. उन्होंने...
article-image
हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश में शीतलहर तेज, पांवटा को छोड़ सभी स्थानों पर न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम : कोहरे का अलर्ट

एएम नाथ । शिमला : हिमाचल प्रदेश में ठंड का कहर शुरू हो गया है। कई इलाकों में ठंड का कहर और बढ़ गया है। लाहौल-स्पीति के ताबो में सबसे कम तापमान माइनस 6.8...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

दर्दनाक हादसा – शव के हुए कई टुकड़े : अज्ञात वाहन ने ड्यूटी रहे बैंक गार्ड अज्ञात वाहन के कुचल डाला

माहिलपुर : होशियारपुर-चंडीगढ़ मुख्य मार्ग पर माहिलपुर के मुख्य चौक पर रविवार सुबह साढ़े वजे बजरी से भरे टिपर की चपेट में आकर स्कूटर सवार व्यक्ति की दर्दनाक हालत में मौत हो गई, जबकि...
article-image
हिमाचल प्रदेश

भव्य-दिव्य होगा राज्य स्तरीय हरोली उत्सव : 27, 28, 29 अप्रैल को सांस्कृतिक संध्याएं, माहभर चलेगा ट्रेड फेयर

उपायुक्त ने तैयारियों को लेकर अधिकारियों की बैठक ली रोहित जसवाल : ऊना, 3 फरवरी। लंबे इंतजार के बाद, राज्य स्तरीय हरोली उत्सव एक बार फिर अपनी पूरी भव्यता के साथ आयोजित होने जा...
Translate »
error: Content is protected !!