लुधियाना, 29 जून: लुधियाना शहरी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं पंजाब लार्ज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन पवन दीवान ने उद्योगों पर लगातार लग रही भारी बिजली कटौती के कारण हो रहे बड़े आर्थिक नुकसान को लेकर पंजाब सरकार की कड़ी आलोचना की है।
यहां जारी एक बयान में, दीवान ने कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे बड़े-बड़े दावों के विपरीत जमीनी हकीकत यह है कि न केवल उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है, बल्कि धान सीजन के दौरान एपी फीडरों को भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। बिजली संकट के कारण जहां उद्योग बुरी तरह प्रभावित हैं, वहीं किसान भी धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो चुके हैं।
उन्होंने खुलासा किया कि पीएसपीसीएल में डायरेक्टर (जनरेशन) की नियुक्ति भी कुछ महीने पहले ही हुई है, जिसका मुख्य कार्य बिजली की खरीद सुनिश्चित करना होता है। लेकिन यहां भी पीएसपीसीएल की विफलता साफ दिखाई देती है व शनिवार और गुरुवार की रात उद्योगों पर बिजली कटौती लागू की गई है। उन्होंने बताया कि पावरकॉम की इंजीनियरिंग संगठन लंबे समय से थर्मल प्लांट की आवश्यकता पर जोर देता आ रहा है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
कांग्रेसी नेता ने जोर देते हुए, कहा कि एमएसएमई उद्योगों पर लगातार लग रही भारी बिजली कटौती ने राज्य की आर्थिक स्थिति को और अधिक खराब कर दिया है। उन्होंने कहा कि उद्योग पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और बिजली उनके लिए जीवनरेखा का काम करती है। यदि यही स्थिति बनी रही तो राज्य में रोजगार, विकास और औद्योगिक उत्पादन पर लंबे समय तक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
