हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर
एएम नाथ। सुंदरनगर : विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने मंडी जिले के सुंदरनगर स्थित दिव्य मानव ज्योति सेवा ट्रस्ट, डैहर में आयोजित आयुष्मान आरोग्य शिविर का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और टीबी उन्मूलन को जन आंदोलन बनाने पर विशेष बल दिया।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ‘स्वस्थ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ तथा समान स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश ने हाल के वर्षों में स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।
टीबी की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में जहां राज्य में 15,760 मामले दर्ज किए गए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 14,653 रह गई है। यह स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों और जनसहभागिता का परिणाम है। उन्होंने बताया कि लगभग 1.49 लाख उच्च जोखिम वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें से 46 प्रतिशत की जांच एक्स-रे के माध्यम से की गई, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है।
उन्होंने कहा कि राज्य में मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों और आधुनिक हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से दूरदराज क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। वर्तमान में 25 हैंडहेल्ड मशीनें कार्यरत हैं और इनकी संख्या बढ़ाई जा रही है। ब्लॉक स्तर पर उन्नत जांच सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई गई हैं।
राज्यपाल ने ‘टीबी-मुक्त ग्राम पंचायत’ पहल की सराहना करते हुए बताया कि वर्ष 2023 में 731 पंचायतें, 2024 में 823 और 2025 में 1,052 पंचायतों को टीबी-मुक्त घोषित किया गया है। उन्होंने 100 दिवसीय विशेष अभियान को निर्णायक बताते हुए कहा कि 5,176 उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में शिविर लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों और आम नागरिकों से ‘निक्षय मित्र’ बनकर टीबी मरीजों को सहयोग देने की अपील की। इस दौरान राज्यपाल ने पोषण किट वितरित की, टीबी चैंपियनों को सम्मानित किया और अभियान का नया लोगो भी जारी किया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
