सेब बागवानों की बड़ी चिंता : रोहित ठाकुर ने केंद्र के समक्ष उठाया ‘कैन’ उर्वरक का मुद्दा

by

एएम नाथ। शिमला। हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों को राहत दिलाने के लिए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने केंद्र सरकार के समक्ष कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट (कैन) उर्वरक की उपलब्धता का मुद्दा उठाया है। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखकर कैन उर्वरक का उत्पादन और उपलब्धता जल्द सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

रोहित ठाकुर ने कहा कि सेब उद्योग हिमाचल प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और यह प्रतिवर्ष प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 6,000 करोड़ रुपये का योगदान देता है। हजारों किसान परिवार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सेब उत्पादन से जुड़े हुए हैं।

कैन की कमी से बढ़ी बागवानों की परेशानी

शिक्षा मंत्री ने पत्र में बताया कि सेब के बगीचों के लिए कैन (25 प्रतिशत) नाइट्रोजन का एक भरोसेमंद और किफायती स्रोत माना जाता है। लेकिन कैन का उत्पादन बंद होने के बाद बागवानों को यूरिया, कैल्शियम नाइट्रेट और मिश्रित एनपीके उर्वरकों जैसे विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि ये विकल्प सेब के बगीचों की विशेष पोषक तत्वों की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं हैं और काफी महंगे भी साबित हो रहे हैं।

यूरिया के लंबे इस्तेमाल पर जताई चिंता

रोहित ठाकुर ने बागवानों की चिंताओं से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराते हुए कहा कि यूरिया के लंबे समय तक उपयोग से मिट्टी की अम्लता बढ़ने, मिट्टी की संरचना में बदलाव और पौधों की जड़ों को नुकसान जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि सेब की खेती के विस्तार के बावजूद किसानों को पेड़ों के समय से पहले खराब होने और उत्पादकता में कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

केंद्र से उत्पादन जल्द शुरू कराने की मांग

शिक्षा मंत्री ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि संबंधित अधिकारियों और उर्वरक निर्माताओं को कैन उर्वरक के उत्पादन और उपलब्धता को जल्द सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं।

इस मामले में केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने रोहित ठाकुर को आश्वासन दिया है कि संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है और बागवानों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

रोहित ठाकुर ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मामले पर शीघ्र निर्णय लेकर सेब उत्पादकों के लिए उपयुक्त और किफायती उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बागवानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हिमाचल प्रदेश की सेब अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कृषि इनपुट की समय पर उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

बुजुर्गों,जरूरतमंदों को मिलेगी घर द्वार पर स्वास्थ्य देखभाल सेवा – पंचायत स्तर पर सेहत सेवा स्वयं सहायता समूह होंगे गठित: डीसी हेमराज बैरवा

धर्मशाला में अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस पर कार्यशाला आयोजित एएम नाथ।धर्मशाला, 05 दिसंबर। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा जिला में सेहत सेवा अभियान के तहत वरिष्ठ नागरिकों, चलने फिरने में असमर्थ रोगियों को...
article-image
हिमाचल प्रदेश

ढाबों व भोजनालयों पर प्रशासन की कार्रवाई, 19 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त

एएम नाथ। सरकाघाट, 24 मार्च। उपमंडल सरकाघाट के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में एसडीएम सरकाघाट राजेन्द्र कुमार गौतम ने ढाबों व भोजनालयों में नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए औचक निरीक्षण किया।...
हिमाचल प्रदेश

संबल योजना के तहत जिला ऊना से प्राप्त हुए कुल 142 आवेदन, 91 लाभार्थियों को दो गई मदद गगरेट उपमंडल से 16 आवेदन प्राप्त हुए, 11 लाभार्थियों को जारी हुई आर्थिक सहायता

जिला ऊना में 91 लाभार्थियों को जारी की कुल 26.46 लाख रुपए की आर्थिक मदद ऊना: जिला प्रशासन की संबल योजना के तहत 30 जून 2022 तक जिला ऊना से कुल 142 आवेदन प्राप्त...
article-image
हिमाचल प्रदेश

हर पल पलटती सुक्खू सरकार, मुख्यमंत्री का अधिकारियों पर कंट्रोल नहीं : सांसद सुरेश कश्यप

एएम नाथ।  शिमला : शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद और हिमाचल बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा है. सांसद सुरेश कश्यप ने...
Translate »
error: Content is protected !!