हत्या कर साधू का भेष धरकर 33 साल छिपा रहा : 11 साल पहले सुप्रीम कोर्ट से उम्रकैद की सजा भी सुनाई जा चुकी : पुलिस ने एक बार फिर 1991 में हुई हत्या की फाइल को खोला

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इंदौर के महू स्थित एक मठ में साधू का भेष धरकर 33 साल से छिपे एक अपराधी को सागर जिले की देवरी पुलिस ने बड़ी ही चालाकी से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी हत्या कर फरार हो गया था। जिसे 11 साल पहले सुप्रीम कोर्ट से उम्रकैद की सजा भी सुनाई जा चुकी है। जमीन के दस्तावेजों में अपराधी की मौत दर्ज कराई जा चुकी थी। लेकिन पुलिस को शक था कि यह पुलिस को गुमराह करने के लिए किया गया है।

सागर जिले के देवरी थाना प्रभारी रोहित डोंगरे ने स्थानीय मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देवरी थाना क्षेत्र में हत्या के आरोपी प्रभुदयाल उर्फ हिब्बू और उसके एक साथी उमाशंकर तिवारी ने मिलकर 33 साल पहले 1991 में जमीन विवाद के चलते एक युवक की हत्या कर दी थी। उसके बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे। इस मामले में स्थानीय कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक सुनवाई चली थी। आरोपी को 2011 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, लेकिन फरार आरोपियों के गिरेबान तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच सके।

फोन लोकेशन से मिला ठिकाना: देवरी पुलिस ने एक बार फिर 1991 में हुई हत्या की फाइल को नए सिरे से खोला। साथ ही फरार आरोपियों की जानकारी खंगालना प्रारंभ किया था। पता चला कि आरोपियों का परिवार रहली में रहता है। पुलिस पहुंची तो जानकारी मिली कि घर और जमीन भी है। जमीन के नामांतरण के कागजों और सरकारी दस्तावेजों में हत्यारोपी हिब्बू उर्फ प्रभुदयाल की फौती लगी थी। इसका मतलब जो व्यक्ति मृत हो जाता है उसकी फौती उठती है। तभी जमीन नामांतरण होती है, लेकिन इस फौती में लिखा था कि हिब्बू 33 साल से नहीं आए हैं और लापता हैं। इधर से पुलिस को उसके जीवित होने का शक हुआ था।

महू के पार्वती मंदिर में बना साधु: पुलिस ने आरोपी के बेटे की जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह मुंबई में रहता है। पुलिस ने मुंबई के पालघर में बेटे से संपर्क किया और पूछताछ और कॉल डिटेल निकलवाई तो इंदौर के महू में उसके पिता के होने का शक हुआ था। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो बेटे ने पिता का नंबर और महू के पार्वती आश्रम का पता दिया था।

भक्त बनकर पहुंची पुलिस, मां को आशीर्वाद देने बाहर बुलाया :  पुलिस भक्तों के रूम में प्रायवेट गाड़ी लेकर इंदौर के महू में जामगेट के पास पार्वती मंदिर पहुंची थी। यहां करीब दर्जनभर साधु रहते हैं। पुलिस को हिब्बू उर्फ प्रभुदयाल को पहचानने में काफी मशक्कत करना पड़ी थी। बाद में पुलिसकर्मियों ने साधु के भेष में छिपे हिब्बू पर जाल फेंका और बताया कि मां की तबियत खराब है, वे गाड़ी में हैं। आप वहीं चलकर उन्हें आशीर्वाद दे दीजिए। नकली साधु हिब्बू जैसे ही गाड़ी के पास आशीर्वाद देने आया, पुलिस ने उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया। टीआई रोहित डोंगरे के अनुसार आरोपी ने अपना आधार कार्ड भी नया बनवा लिया था और दाड़ी बढ़ाकर केसरिया वस्त्र पहनकर लोगों को धोखा दे रहा था।

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