हरिपुर (जिला कांगड़ा) में चतुर्थ नवरात्रि के अवसर पर माता सुकराला मंदिर में भव्य कीर्तन का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
मंदिर की विशेषता यह है कि यहां पर जगती जोत, जिसे जिला कठुआ (जम्मू-कश्मीर) से लाया गया था, पिछले 18 वर्षों से निरंतर जल रही है। वर्ष 2008 में स्थापित इस मंदिर में दूर-दूर से भक्त माता के दर्शन करने और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए पहुंचते हैं।
कीर्तन के दौरान स्थानीय कीर्तन मंडली और महिला मंडल की सदस्यों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भजन एवं माता की भेंट प्रस्तुत की। महिला मंडल की (प्रधान सुरेश कुमारी महाजन) के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। आज का विशेष कीर्तन (सुनीता रैना) परिवार की ओर से करवाया गया।
नवरात्रि, जन्माष्टमी और अन्य धार्मिक अवसरों पर भी इस मंदिर में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें श्रद्धालु बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। अष्टमी के दिन यहां भव्य हर साल अष्टमी पर भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दराज से आए भक्त प्रसाद ग्रहण करते हैं।
कीर्तन के समापन पर श्रद्धालुओं को हलवा, चने, केले और सेब का प्रसाद वितरित किया गया, इसके बाद समोसे और चाय भी परोसी गई। सभी भक्तों ने माता के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की सराहना की।
यह आयोजन हरिपुर क्षेत्र में आस्था, एकता और भक्ति का प्रतीक बनकर
