हजारों लोगों की आस्था का प्रतीक जोहड़जी मेहलोग मेला 2 अप्रैल से

by

गुरु नानक देव जी की फतेह की याद में हर तीसरे वर्ष लगता है जोहड़ जी साहिब मेला

गुरु नानक देव जी ने कौडा राक्षस का संहार किया था

पट्टा मेहलोग (डॉ गिरधारी लाल कश्यप) : हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक व हर तीसरे वर्ष लगने वाला क्षेत्र का प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक मेला जोहड़जी साहिब 2 अप्रैल से शुरू होगा। गुरुद्वारे के सेवादार श्यामलाल ने बताया कि यह मेला 2 सप्ताह तक लगेगा।
बता दें कि यह मेला प्रदेश के इलावा उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़,उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व दिल्ली के लाखों श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का प्रतीक है।
मान्यता है कि श्रीगुरु गंगा दास जी, गुरु खड़क सिंह जी और गुरु जवाहर सिंह जी की शक्ति से यह धार्मिक स्थान पावन हुआ है। मेले का पहला सप्ताह मैदानी तथा दूसरा सप्ताह पहाड़ी संगत के नाम रहता है।
2 से 5 अप्रैल तक इस मेले में पंजाब तथा हरियाणा के साथ-साथ अन्य राज्यों के श्रद्धालू माथा टेकेंगे। 6-7 अप्रैल को संगत हण्डूर नालागढ़, 8-9 अप्रैल को अर्की बाघल व 10 से 14 अप्रैल तक संगत महलोग, कुठाड़, पटियाला सहित अन्य इलाके के श्रद्धालु अपनी मन्नते लेकर जोहड़जी दरबार में पहुंचेंगे। वैशाखी के दूसरे दिन कौड़ा राक्षस जिसे स्थानीय लोग पडियार देवता के नाम से पूजते है की पूजा अर्चना के साथ संगत द्वारा माथा टेकने के उपरांत मेला हरिपुर साहिब में सम्पन्न होगा।
पौराणिक मान्यता है कि 15वीं शताब्दी में इस स्थल पर एक बहुत बड़ा खूंखार कौड़ा नामक राक्षस रहता था, जिसने पूरे क्षेत्र में आतंक मचा रखा था। वह मनुष्यों को गर्म तेल के कड़ाहे में भूनकर खा जाता था। एक बार गुरु नानक देव जी के दो प्रिय शिष्य बाला और मरदाना इस क्षेत्र में विचरण कर रहे थे, तो एक शिष्य को राक्षस ने बंदी बना लिया। राक्षस मनुष्यों को भूनने से पहले कड़ाहे की परिक्रमा करवाता था। मरदाना ने परिक्रमा करते समय गुरु नानक देव जी का ध्यान किया, तो वे वहां प्रकट हो गए। इस पर राक्षस और भी खुश हुआ कि उसे दो-दो शिकार प्राप्त हुए हैं। राक्षस ने गुरु नानक देव जी को भी परिक्रमा करने को कहा।

इस पर गुरु जी ने कहा कि उन्हें परिक्रमा नहीं आती तथा वह स्वयं ऐसा करके बताए। राक्षस ने परिक्रमा करनी शुरू की, तो गुरु नानक देव जी ने जैसे ही उसे हाथ लगाया राक्षस गर्म तेल के कड़ाहे में गिर गया। अपना अंतिम समय निकट देखकर गुरु जी से प्रार्थना करने लगा कि उसकी मृत्यु के पश्चात उसे भी याद रखा जाए। इस प्रकार उस खूंखार राक्षस का अंत हो गया। इस महिमा को सुनकर बाबा कर्म चंद जो इससे पूर्व पपलोगी में रहते थे, वहां पहुंचे तथा यहां आकर बस गए और जिस स्थान पर राक्षस का उद्धार किया गया था, वहां पर बाबा जी ने अपना निशान साहिब स्थापित किया। जहां पर राक्षस का कड़ाहा था, वहां पर बाबा जी ने अपने बैठने का स्थान बनाया और जहां गुरु नानक देव जी ने राक्षस को मारने के बाद विश्राम किया था, वहां पर साधु-महात्माओं के ठहरने के लिए जगह बनाई। तभी से हर तीसरे वर्ष गुरु नानक देव जी की फतेह की याद में बहुत बड़ा मेला लगता है। श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर यहां स्थित जोहड़ जी (तालाब) की परिक्रमा बैंड बाजे के साथ कर झंडा चढ़ाते हैं।यह दृश्य देखते ही बनता है।

यह पवित्र स्थल समुद्र तल से 4800 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। कसौली तथा सुबाथू से यह स्थल 35 किमी., शिमला से 80 किमी., सोलन व चंडीगढ़ से बराबर 60 किमी. व बद्दी से 30 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां से शिमला, कसौली, सुबाथू व दूर हिमाचल की हिमाच्छादित पहाड़ियों व मौसम साफ होने चंडीगढ़ व ट्राइसिटी के दृश्य देखे जा सकते है। यहां पहुंचने के अब चार मार्ग हैं। एक मार्ग पट्टा से कासल, बडैहरी, होकर 9 किमी. है, दूसरा मार्ग पट्टा गोयला सड़क से घियांन तक है तथा वहां से आगे सीधा चढ़ाई वाला रास्ता पैदल तय करना पड़ता है। बीच में पपलोगी नामक स्थान के दर्शन भी हो जाते हैं। तीसरा रास्ता गोयला रावण की जोहड़ी ढकरियाना सुआ से होकर तथा बद्दी से घरेड होकर कच्ची सड़क से ब्रागु होकर जा सकते हैं। जोहड़जी साहिब में प्रबंधको द्वारा बहुत बड़ी सराय जिसमे दस हजार से अधिक लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समस्त परिसर व पार्किंग स्थल में इंटरलॉकिंग टाइलें व लाइटें लगाई गई है और अन्य स्थानों पर भी बिजली पानी की व पार्किंग का पर्याप्त प्रबंध है। बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए बरोटीवाला-हरिपुर-पट्टा मेहलोग-जोहड़जी रोड को डबल लेन करने की नितांत आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त इस मेले को जिला स्तर का दर्जा दिए जाने की वर्षों पुरानी लोगो की मांग पर सरकार को गौर करना चाहिए।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

सुजानपुर के आंगनवाड़ी केंद्रों में भी मनाया अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस

सुजानपुर 11 अक्तूबर। अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर सुजानपुर विकास खंड के 123 आंगनवाड़ी केंद्रों में भी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रमों की धूम रही। सुजानपुर के बाल विकास परियोजना अधिकारी कुलदीप सिंह...
article-image
पंजाब

Baba Bal Ji Urges Devotees

Hośhiārapur/ Daljeet Ajnoha/July 4 : Revered saint Baba Bal Ji of Shri Radha Krishna Temple, Kotla Kalan (Una, Himachal Pradesh), visited the Sant Baba Narayan Das ji blind school in Mahilpur today, urging devotees...
पंजाब

नगर कौंसिल गढ़शंकर के लिए अव 64 प्रत्याशी मैदान में, तेरह ने नाम लिए वापिस

गढ़शंकर: नगर कौंसिल गढ़शंकर के लिए होने वाले 14 फरवरी को होने वाले चुनाव के लिए आज नामांकन वापिस लेने के बाद 64 प्रत्याशी मैदान में रह गए है तो तेरह ने आज अपने...
article-image
पंजाब

पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार…सीएम भगवंत मान ने MSP और रोजगार पर केंद्र को घेरा

चंडीगढ़ : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 पर पंजाब और हरियाणा के सियासी गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा...
Translate »
error: Content is protected !!