SIAL Paris-2026 में पंजाब के उत्पादों के प्रचार के लिए जाना था प्रतिनिधिमंडल, सुरक्षा कारणों से केंद्र ने रोकी थी यात्रा
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के फ्रांस दौरे को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए केंद्र सरकार की ओर से राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार करने के आदेश को रद्द कर दिया है। पंजाब सरकार ने केंद्र के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने यह निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंजाब के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खाद्य व्यापार मेले ‘SIAL Paris-2026’ में शामिल होना था। यह दौरा 15 से 21 अक्टूबर तक प्रस्तावित था। इसका मुख्य उद्देश्य पंजाब के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देना तथा विदेशी खरीदारों के साथ व्यापारिक अवसर तलाशना था।
बिना कारण बताए मंजूरी रोकने का आरोप
पंजाब सरकार ने अदालत में दलील दी कि विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी लेने के लिए सितंबर में ही प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। इसके लिए 3 और 8 सितंबर को पत्र भेजे गए तथा 9 सितंबर को ऑनलाइन आवेदन भी किया गया था। सरकार के अनुसार, यात्रा से संबंधित प्रशासनिक मंजूरी और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं।
याचिका में आरोप लगाया गया कि सभी तैयारियों के बावजूद विदेश मंत्रालय ने राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया। सरकार का कहना था कि अस्वीकृति के कारण स्पष्ट नहीं किए गए और न ही अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया गया।
केंद्र ने सुरक्षा कारणों का दिया हवाला
केंद्र सरकार ने अदालत में मंजूरी का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए। केंद्र के मुताबिक, खुफिया जानकारी में विदेशों में सक्रिय कट्टरपंथी समूहों से मुख्यमंत्री भगवंत मान को खतरा होने की आशंका जताई गई थी। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मेले में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में संभावित कठिनाइयों का भी हवाला दिया गया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने केंद्र के मंजूरी से इनकार करने वाले आदेश को रद्द कर दिया।
मार्कफेड के उत्पादों के प्रचार के लिए था दौरा
पंजाब सरकार की याचिका के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ राज्य के मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव को भी फ्रांस जाना था। पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (मार्कफेड) को मेले में स्टॉल आवंटित किया गया था, जो कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के इंडिया पवेलियन में था।
यात्रा का खर्च मार्कफेड की ओर से उठाया जाना था। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य पंजाब के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के उत्पादों के लिए विदेशी बाजारों में संभावनाएं तलाशना और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से संपर्क बढ़ाना था।
हाईकोर्ट के फैसले से केंद्र और पंजाब सरकार के बीच मुख्यमंत्री के विदेश दौरे को लेकर चल रहा विवाद कानूनी रूप से नए मोड़ पर पहुंच गया है।
