बीबीएन, 25 अप्रैल (तारा) : नगर निगम बद्दी की जनता पर लगातार बढ़ते हाउस टैक्स और अतिरिक्त शुल्कों का बोझ गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। लोगों का कहना है सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है और लगातार टैक्स से लोगों की जीना दुर्भर हो गया है।
पहले से ही ‘स्वच्छता सेस’ के नाम पर आर्थिक दबाव झेल रही जनता को अब हाउस टैक्स के रूप में एक और भार उठाना पड़ रहा है। शहर की जमीनी हकीकत यह है कि बद्दी में जगह-जगह गंदगी, टूटी सड़कों, जाम की समस्या और बुनियादी सुविधाओं की कमी साफ दिखाई देती है। ऐसे में बिना सुविधाओं में सुधार किए टैक्स बढ़ाना आम नागरिकों के साथ अन्याय है। एससी मोरचा के अध्यक्ष राज संधू व दून भाजपा मंडल के उपाध्यक्ष तरसेम चौधरी ने कहा के वार्ड नम्बर 05 ,08 के हालातों से पूरे वार्ड के लोगों को बहुत परेशानी हो रही है न वहां नालियां साफ है न सीवरेज की कोई व्यवस्था ठीक है न कोई गलियां ठीक है न सफाई व्यवस्था ठीक है फिर हाउस टैक्स की चीज का है लोगों को सुविधाओं न देने का टैक्स ले रही है प्रदेश सरकार क्या यही है व्यवस्था परिवर्तन है
नगर निगम का मुख्य उद्देश्य जनता को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना होना चाहिए, न कि केवल राजस्व इकट्ठा करना। जब तक शहर में स्वच्छता, यातायात व्यवस्था, जल निकासी और अन्य आवश्यक सेवाओं में सुधार नहीं होता, तब तक हाउस टैक्स में बढ़ोतरी को उचित नहीं ठहराया जा सकता। बद्दी के लोगों ने हाउस टैक्स और अन्य शुल्कों की समीक्षा करने, पहले शहर की मूलभूत सुविधाओं में सुधार करने व अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने से बचाने की मांग की है। नगर निगम को चाहिए कि वह जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दे और पारदर्शिता के साथ कार्य करे, ताकि नागरिकों का विश्वास बना रहे।
