एएम नाथ । शिमला : हिमाचल प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी को आयुष्मान व हिमकेयर योजना के पैकेज में शामिल करने पर विचार होगा। फिलहाल यह आयुष्मान भारत और हिमकेयर योजना के पैकेज में शामिल नहीं है।
राज्य सरकार रोबोटिक सर्जरी को पूरी तरह से विकसित करेगी और इसके पूर्ण रूप से प्रायोगिक बन जाने पर आयुष्मान भारत और हिमकेयर जैसी योजनाओं में भी शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
कर्मचारियों को रोबोटिक सर्जरी का मेडिकल रीइंबर्समेंट भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि हिमकेयर योजना का सरकार फिलहाल आंतरिक ऑडिट करवा रही है।
सरकार दे रही 70 हजार तक अनुदान
विधायक राकेश जम्वाल, विपिन सिंह परमार और केवल सिंह पठानिया के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल रोबोटिक सर्जरी के लिए उन मरीजों से पूरा शुल्क लिया जाता है जो स्पेशल वार्ड लेकर इलाज करवाते हैं। अन्य मरीजों से 18 जनवरी 2026 तक 30 हजार व 19 जनवरी के बाद 50 हजार लिया जा रहा है, जबकि इसका अनुमानित व्यय 90 हजार से 1.20 लाख रुपये है। सरकार इस पर 70 हजार तक का अनुदान दे रही है।
कितनी रोबोटिक मशीन खरीदीं
विधायक विपिन सिंह परमार के अनुपूरक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि आरंभ में सरकार ने केवल दो रोबोटिक मशीनें खरीदने को टेंडर किया था, लेकिन बाद में इसी टेंडर पर दो और मशीनें खरीदी गई। चमियाणा और टांडा के लिए ये मशीनें 28,44,11,852 व आइजीएमसी, हमीरपुर व नेरचौक के लिए 27,05,55,140 में खरीदी गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार इसी तरह की एक और मशीन सोलन के लिए खरीदना चाह रही थी लेकिन संबंधित कंपनी ने ये मशीन उपलब्ध करवाने से यह कहते हुए इंकार कर दिया है कि अब इसकी कीमत बढ़ गई है।
एम्स से सस्ते दाम पर खरीदीं मशीनें
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने रोबोटिक मशीनें एम्स अस्पताल से एक करोड़ सस्ते दाम पर खरीदी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो कंपनियों ने इसके लिए आवेदन किया था। सरकार ने तीन बार टेंडर आवेदन की तिथि को बढ़ाया। उन्होंने कहा कि मंत्रा कंपनी इसको लेकर कोर्ट गई थी।
मरीजों को मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है। मरीज जोनल अस्पताल से मेडिकल कॉलेज तक रेफर होकर दो-दो लाख रुपये इलाज पर खर्च देता था। अब उसका रोबोटिक सर्जरी से एक लाख में इलाज होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी यूरोलाजी, गायनी व जनरल सर्जरी हो रही है।
कंपनी दे रही स्टाफ को ट्रेनिंग
जिस कंपनी से सरकार ने मशीनें खरीदी हैं वही इसकी ट्रेनिंग भी डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ को दे रही है और यही कंपनी अगले पांच साल तक इन रोबोटिक मशीनों की देखभाल भी करेगी। अभी तक 20 डाक्टर, 10 ओटीए व नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है। सरकार आने वाले समय में एक्सपोजर विजिट पर डाक्टरों को भेजने पर भी विचार करेगी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार आयुष्मान व हिमकेयर योजना को भी रोबोटिक सर्जरी में शामिल करें। इन योजनाओं में रोबोटिक सर्जरी शामिल न होने का अर्थ यह है कि आम मरीज इसमें इलाज नहीं करवा सकता। केवल सिंह पठानिया के अनुपूरक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कालेज में एमआरआई मशीनों को बदला जा रहा है। राज्य सरकार ने 216 रोबोटिक सर्जरी व 20770 लेपरोस्कोपिक सर्जरी की गई है।
