एएम नाथ। हमीरपुर : हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक दो-दलीय राजनीति में अब एक बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पूर्व मंत्री और कद्दावर नेता डॉ. राम लाल मारकंडा ने प्रदेश में एक सशक्त ‘थर्ड फ्रंट’ (तीसरे मोर्चे) के गठन का एलान कर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। हमीरपुर प्रवास के दौरान मारकंडा ने साफ किया कि प्रदेश की जनता वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट है और अब वह कांग्रेस-भाजपा के विकल्पों से हटकर एक नई राह तलाश रही है।
मारकंडा की रणनीति बेहद स्पष्ट है। वे सबसे पहले जमीन पर एक मजबूत संगठन खड़ा करने पर ध्यान दे रहे हैं। कुल्लू, बिलासपुर और हमीरपुर का दौरा करने के बाद अब उनका अगला पड़ाव मंडी है। उनका मानना है कि यदि संगठन की नींव मजबूत होगी, तो ‘जिताऊ उम्मीदवार’ खुद-ब-खुद सामने आएंगे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मुहिम में वे अकेले नहीं हैं। मारकंडा के मुताबिक प्रदेश के कई दिग्गज नेता उनके संपर्क में हैं और इस नए राजनीतिक विकल्प का हिस्सा बनने को तैयार हैं।
डॉ. मारकंडा का यह कदम केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आंदोलन की शुरुआत है। पूरे प्रदेश का भ्रमण कर और जनता की नब्ज टटोलने के बाद वे अपनी नई पार्टी को विधिवत पंजीकृत करवाएंगे। गौरतलब है कि मारकंडा का राजनीतिक इतिहास काफी प्रभावशाली रहा है। पंडित सुखराम की ‘हिविकां’ से मंत्री पद तक का सफर तय करने वाले मारकंडा ने हालिया उपचुनाव में निर्दलीय लड़कर अपनी ताकत दिखाई थी। अब वे अपनी उसी लोकप्रियता और अनुभव के दम पर हिमाचल की सियासत में एक नया अध्याय लिखने की तैयारी में हैं, जो आने वाले समय में सत्ता के स्थापित समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।
