एएम नाथ। शिमला : हिमाचल के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने भाजपा पर चुनावी फायदे के लिए बिल लाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा महिला सशक्तिकरण की पक्षधर रही है. साथ ही, उन्होंने मंडी सांसद कंगना रनौत के विधानसभा में महिला विधायकों संबंधी बयान को ‘हास्यास्पद’ और ‘तथ्यहीन’ करार देते हुए तंज कसा कि जिन्हें प्रदेश की बुनियादी जानकारी नहीं, वे सशक्तिकरण पर ज्ञान दे रही हैं I
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में इन दिनों महिला आरक्षण और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर जुबानी जंग तेज हो गई है. प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने एक ओर जहां महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं, वहीं मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत के हालिया बयान पर भी तीखा पलटवार किया है. विक्रमादित्य सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी महिला आरक्षण के नाम पर सिर्फ चुनावी राजनीति कर रही है, जबकि इसकी असली नींव कांग्रेस ने रखी थीI
हाल ही में मंडी सांसद कंगना रनौत ने संसद में दावा किया था कि हिमाचल प्रदेश की 68 सदस्यीय विधानसभा में केवल एक महिला विधायक है. इस बयान पर पलटवार करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने इसे हास्यास्पद और तथ्यहीन करार दिया. उन्होंने कहा, जो लोग हिमाचल की पैरवी करने का दावा करते हैं, उन्हें राज्य की बुनियादी जानकारी तक नहीं है. हिमाचल विधानसभा में वर्तमान में तीन महिला विधायक हैं, जिनमें एक भाजपा से और दो कांग्रेस से हैं I
विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह महिला आरक्षण बिल का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही महिला आरक्षण की समर्थक रही है, लेकिन भाजपा ने इस बिल को ‘डीलिमिटेशन’ (परिसीमन) जैसे जटिल मुद्दों के साथ जोड़कर पेश किया है I
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों की मांग बहुत स्पष्ट थी. उन्होंने मांग की थी कि मौजूदा 545 सीटों के आधार पर ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तुरंत लागू किया जाए. उनका आरोप है कि भाजपा ने इस बिल को विशेष सत्र बुलाकर केवल इसलिए पेश किया ताकि आगामी चुनावों (पश्चिम बंगाल, असम, केरल) में राजनीतिक ध्रुवीकरण किया जा सके. उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी ने भी संसद में कांग्रेस का पक्ष मजबूती से रखा है I
महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह सोच नई नहीं है. इसकी नींव मोतीलाल नेहरू के समय कराची अधिवेशन में ही रख दी गई थी. इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को आरक्षण देकर इस सपने को धरातल पर उतारा था I
