शिमला : हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स को लेकर गहराए विवाद के बीच सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने यूटूर्न लेते हुए सदन में कहा कि सरकार पहले जैसी स्थित बहाल करेगी।
अब हिमाचल की सीमाओं पर प्रवेश के लिए पुराना शुल्क ही लागू होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनभावनाओं और बॉर्डर पर पैदा हुई स्थिति को ध्यान में रखते हुए बढ़ी हुई दरों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। अब प्रदेश में प्रवेश करने वाले वाहनों को उसी दर पर टैक्स देना होगा जो बढ़ोतरी से पहले प्रभावी थी। प्रशासन को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि बॉर्डर चेक पोस्ट पर पुराने सॉफ्टवेयर और पुरानी दरों के हिसाब से ही पर्चियां काटी जाएं।
हिमाचल सरकार ने 5 सीटर और 6 से 12 सीटर वाहनों पर एंट्री टैक्स की बढ़ोतरी का निर्णय वापस लिया है। सीएम सुक्खू ने विधानसभा में जानकारी दी कि पहले पांच सीटर और 6 से 12 सीटर वाहन का एंट्री टैक्स दोनों को क्लप करके 130 रुपए किया गया था लेकिन विधायकों के सुझाव के बाद अब पांच सीटर वाहनों से 70 रुपए और 6 से 12 सीटर वाहनों से 110 रुपए ही एंट्री टैक्स ही वसूला जाएगा। सीएम सुक्खू ने कहा कि पहले भी इन वाहनों से यही एंट्री टैक्स वसूला जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री को फोन किया था लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। उन्होंने इस विषय पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह और प्रताप सिंह बाजवा से बात की है।
पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा पर पड़ना था असर
1 अप्रैल से लागू होने जा रही इस बढ़ोतरी का असर न केवल हिमाचल बल्कि पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा पर भी पड़ रहा था, जहां इसका जोरदार विरोध देखने को मिल रहा था। पहले जहां छोटे वाहनों पर 70 रुपये एंट्री टैक्स लिया जाता था, अब इसे बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया गया था। इसके अलावा बड़े वाहनों के टैक्स में भी बढ़ोतरी की गई थी। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ना था जो रोजाना हिमाचल और पंजाब, हरियाणा के बीच आवागमन करते हैं। विभिन्न व्यापारिक और परिवहन संगठनों ने इस टैक्स के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। आंदोलन के चलते बॉर्डर पर लंबा जाम और तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जिसका सीधा असर पर्यटन और माल ढुलाई पर पड़ रहा था। ऐसे में सरकार पर दबाव बढ़ रहा था कि वह इस फैसले की समीक्षा करे।
बीजेपी ने विधानसभा परिसर में किया प्रदर्शन
भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल ने मंगलवार को प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा एंट्री टैक्स में भारी वृद्धि और पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाने के निर्णय के विरोध में विधानसभा परिसर में जमकर धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष की अगुवाई में एकजुट हुए भाजपा विधायकों ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार दिया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि छोटी गाड़ियों पर लगने वाले एंट्री टैक्स को चालीस रुपये से बढ़ाकर सीधे 170 रुपये और बड़ी गाड़ियों के लिए इसे एक हजार रुपये तक कर दिया गया है, जो न केवल तर्कहीन है बल्कि पर्यटन पर आधारित हिमाचल की अर्थव्यवस्था के लिए आत्मघाती कदम साबित होगा। इस टैक्स वृद्धि के विरोध में पड़ोसी राज्यों के लोगों ने आज रात से प्रदेश में वाहनों का प्रवेश बंद कर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है, जो राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
पंजाब ने दी थी जवाबी टैक्स की धमकी
पंजाब सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर हिमाचल ने बढ़े हुए टैक्स के साथ उनकी गाड़ियों से वसूली की, तो वे भी पंजाब सीमा में हिमाचल के वाहनों से एंट्री फीस वसूल करेंगे। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हिमाचल की कांग्रेस सरकार पर दिवालिया होने का आरोप लगाते हुए जैसे को तैसा टैक्स लगाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि पंजाब सरकार भी हिमाचल प्रदेश के वाहनों पर जवाबी एंट्री टैक्स लगाने पर गंभीरता से विचार करेगी है। अगर वे हमारे लोगों से टैक्स वसूल सकते हैं, तो हमें भी सोचना होगा।
