जोगिन्द्रा बैंक के खिलाफ NABARD में शिकायत, भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने का आरोप
मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के ऋण मामले में कार्रवाई की मांग, हाईकोर्ट के अधिवक्ता ने उठाए सवाल
एएम नाथ। सोलन : पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट, चंडीगढ़ के अधिवक्ता मुकेश कुमार शर्मा ने राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) के मुख्य सतर्कता अधिकारी को शिकायत भेजकर जोगिन्द्रा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सोलन के कुछ अधिकारियों पर कथित वित्तीय अनियमितताओं के बावजूद कार्रवाई न करने और उन्हें संरक्षण देने के आरोप लगाए हैं।
शिकायत के अनुसार मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत पशु आहार निर्माण परियोजना के लिए स्वीकृत करीब ₹31.05 लाख के ऋण मामले में जांच के दौरान बकाया राशि ₹37 लाख से अधिक पाई गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि दो फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्टों में गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कारण बताओ नोटिस, प्राथमिकी दर्ज करने तथा मामले को फ्रॉड रिस्क ग्रुप के समक्ष रखने की सिफारिश की गई थी, लेकिन करीब 15 माह बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायत में शाखा प्रबंधक जगदीप शर्मा, एजीएम कुलदीप सिंह, सहायक प्रबंधक विक्रम चौहान सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के नामों का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच और विभागीय कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही ऋणी सुशील कुमार, संबंधित पटवारी और अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी स्वतंत्र जांच कराने का आग्रह किया गया है।
अधिवक्ता शर्मा ने यह भी कहा है कि 10 फरवरी 2025 को कथित गारंटर द्वारा दस्तावेजों में हेरफेर संबंधी शिकायत दी गई थी, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। इसके अलावा 7 जुलाई 2026 को ऋणी द्वारा वन टाइम सेटलमेंट (OTS) के लिए आवेदन दिए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
शिकायतकर्ता ने NABARD से स्वतंत्र आपराधिक जांच, विभागीय कार्रवाई तथा मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत स्वीकृत ऋणों का फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की है।
