चंडीगढ़ :-शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को सोशल मीडिया पर घोषणा की कि पार्टी पंजाब के गांवों और कस्बों में ‘सतलज’ फिल्म दिखाएगी। इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाई है।
फिल्म का मकसद युवा पीढ़ी को कांग्रेस शासन के दौरान सिख समुदाय पर हुए कथित अत्याचारों के बारे में बताना है।
ट्विटर पर एक पोस्ट में इस पहल की घोषणा करते हुए बादल ने कहा कि यह फिल्म जसवंत सिंह खालड़ा और उन हजारों निर्दोष सिख युवाओं और प्रमुख सिख हस्तियों के बलिदान को उजागर करती है, जिन्हें उनके अनुसार उस दौर में अमानवीय यातनाओं का सामना करना पड़ा था।
सुखबीर सिंह बादल की पोस्ट
पोस्ट में बादल ने कहा कि फिल्म गोल्डन टेंपल में सैन्य अभियान और दिल्ली व अन्य शहरों में सिख-विरोधी हिंसा के बाद के ‘दर्दनाक दौर की सच्चाई’ को भी दिखाती है। इस हिंसा में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित हजारों निर्दोष सिखों की जान चली गई थी। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पंजाब में इन घटनाओं का विरोध कर रहे हजारों सिख युवाओं को कांग्रेस सरकार के दौरान फर्जी पुलिस मुठभेड़ों में मार दिया गया था।
इन घटनाओं को भुलाया नहीं जाएगा- बादल
यह कहते हुए कि पार्टी यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आने वाली पीढ़ियां सिख इतिहास के इस अध्याय से अवगत रहें, बादल ने जोर देकर कहा कि शिरोमणि अकाली दल इन घटनाओं को भुलाया नहीं जाने देगा।
‘सतलुज’ हनी त्रेहान की निर्देशित एक बहुत ही विवादित बायोग्राफिकल पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म है। 2022 के आखिर में रिव्यू के लिए भेजे जाने पर, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने शुरू में फिल्म में 127 कट लगाने की भारी-भरकम मांग की थी। रेगुलेटरी दिक्कतों के कारण, प्रोड्यूसर्स को 2023 टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में होने वाले फिल्म के तय ग्लोबल प्रीमियर से इसे अचानक हटाना पड़ा।
यह फिल्म पिछले शुक्रवार को ZEE5 पर रिलीज हुई और दर्शकों तक पहुंची। हालांकि, यह राहत ज्यादा देर तक नहीं रही। रिलीज के 48 घंटों के अंदर ही, भारत सरकार के निर्देशों के बाद फिल्म को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।
