उड़ान योजना में केंद्र का योगदान है तो आभार भी जताएं मुख्यमंत्री
अपना मंत्रिमंडल न संभाल पाने वाले भाजपा के गुट गिनाकर अपनी नाकामी से हटा रहे ध्यान
एएम नाथ। शिमला : शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि लोन प्रिय मुख्यमंत्री को भाजपा के गुट गिनाने के बजाय अपनी पार्टी पर ध्यान देना चाहिए। न उनसे सरकार और मंत्रिमंडल संभल रहा है और न ही पार्टी। प्रदेश की हालत आज प्रदेश के लोग ही जानते हैं। विकास से लेकर जनहित के सारे काम ठप हैं। एक कल्याणकारी राज्य के बजाय ‘शुल्क की सरकार’ चलाने वाले सुक्खू जीवन भर एक गुट की राजनीति करते रहे और आज भी सिर्फ एक गुट की सरकार ही चला रहे हैं। बाकी गुट और प्रदेश को उन्होंने उनके हाल पर छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल को ही इकट्ठा नहीं कर पा रहे हैं। आज उनके साथ चार लोग खड़े नहीं हैं। मंत्रिमंडल को दरकिनार कर मित्रमंडल की सरकार चलाने वाले सुक्खू को भाजपा के पाँच गुट गिनाने के बाद अपने चार साल के चार काम गिनाते तो बेहतर होता। लेकिन जब कोई काम किया ही नहीं है, तो वह गिनाएंगे क्या? बस उनके पास बताने के लिए भाजपा की बंद की गई योजनाओं और संस्थानों के अलावा कुछ नहीं है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उड़ान योजना के तहत सेवाएं शुरू की हैं। मोदी सरकार द्वारा चलाई जा रही इस केंद्रीय योजना में सर्वाधिक योगदान केंद्र सरकार का होता है। लेकिन मुख्यमंत्री केंद्र सरकार को श्रेय देना तो दूर, उसका नाम लेने से भी कतराते हैं। उन्हें केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करना चाहिए। उड़ान योजना के तहत होने वाली वायबिलिटी गैप फंडिंग (व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण) का सर्वाधिक हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता है। राज्य सरकार नाममात्र का हिस्सा देती है। इसके बाद भी मुख्यमंत्री द्वारा सामान्य शिष्टाचार का निर्वहन करते हुए आभार तक नहीं जताया जा रहा है। प्रदेश में विकास के नाम पर जो भी काम हो रहा है, उसमें केंद्र का ही योगदान है। स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में जो भी काम हो रहे हैं, वे केंद्र द्वारा दिए गए आर्थिक सहयोग से ही हो रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार सिर्फ अराजकता और भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही है। आपदा से जो सड़कें टूटी हैं, वे आज तक वैसी ही हैं। नशा पूरे प्रदेश में तांडव मचा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाएं गर्त में जा रही हैं। लोगों को न हिमकेयर का लाभ मिल रहा है और न ही आयुष्मान का। इलाज के लिए लोगों के भटकने की खबरें आम बात हो गई हैं। नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी हो या आउटसोर्स के नाम पर मित्र मंडली द्वारा वसूली के आरोप, ये सब आम बात हो गई है। सरकार की नाकामियों को उजागर करने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि उनकी आवाज दबाई जा सके। चौतरफा नाकामियों से घिरे मुख्यमंत्री इधर-उधर की बातें करके अपना समय काट रहे हैं।
