नवांशहर, 10 जुलाई : आंगनवाड़ी मुलाज़िम यूनियन पंजाब (सीटू) जिला शहीद भगत सिंह नगर की ओर से आज डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर काले कपड़े पहनकर काला दिवस मनाते हुए केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया।
यूनियन की ओर से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी को आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों की लंबे समय से लंबित मांगों संबंधी विस्तृत मांग-पत्र भेजे गए।
जिला शहीद भगत सिंह नगर की जिला प्रधान बलजीत कौर, जिला महासचिव लखविंदर कौर और जिला कोषाध्यक्ष जसवीर कौर ने कहा कि आज यूनियन की ओर से मांगों को लेकर देशव्यापी काला दिवस मनाया जा रहा है।
नेताओं ने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार को पिछले कई वर्षों के दौरान अनेक बार मांग-पत्र दिए गए और उच्च स्तरीय बैठकों में आश्वासन भी दिए गए, लेकिन आज तक न तो मानदेय में वृद्धि की गई है, न ही ग्रेच्युटी, पेंशन, पदोन्नति, समान सेवा नियम और अन्य बुनियादी मांगों का समाधान किया गया है। इसके कारण पंजाब सहित पूरे देश की आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों में भारी नाराज़गी है। नेताओं ने मांग की कि आंगनवाड़ी वर्करों को ग्रेड-3 और हेल्परों को ग्रेड-4 का दर्जा दिया जाए। जब तक यह मांग लागू नहीं होती, तब तक 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुसार सम्मानजनक न्यूनतम वेतन और पेंशन दी जाए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार ग्रेच्युटी तुरंत लागू की जाए और आंगनवाड़ी कर्मचारियों को पूर्ण सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।
यूनियन ने कहा कि पोषण ट्रैकर, (एफ.आर.एस.) और ई-केवाईसी जैसी प्रक्रियाओं के कारण वर्करों पर अनावश्यक बोझ डाला जा रहा है और हजारों लाभार्थी सरकारी सेवाओं से वंचित रह रहे हैं। इसलिए इन शर्तों को तुरंत वापस लेकर वर्करों को टैबलेट, इंटरनेट और अन्य आवश्यक साधन उपलब्ध कराए जाएं। मांग-पत्र में यह भी मांग की गई कि आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों से बी.एल.ओ., एस.आई.आर., जनगणना और अन्य गैर-आईसीडीएस ड्यूटी तुरंत बंद की जाएं। साथ ही सभी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल, गैस कनेक्शन, रसोई का आवश्यक सामान, बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन, खिलौने और शैक्षणिक सामग्री सुनिश्चित की जाए। यूनियन ने पंजाब सरकार से यह भी मांग की कि चुनावों के दौरान किए गए वादों के अनुसार आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों के मानदेय में वृद्धि की जाए, वार्षिक इंक्रीमेंट दोगुना किया जाए, बकाया राशि जारी की जाए, पदोन्नतियां तुरंत की जाएं और रिक्त पद भरे जाएं।
उन्हीनों ने कहा कि आंगनवाड़ी कर्मचारी देश के भविष्य की नींव रखने वाले बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकारें उनकी जायज़ मांगों की लगातार अनदेखी कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र और पंजाब सरकार ने तुरंत सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो ऑल इंडिया आंगनवाड़ी मुलाज़िम यूनियन (सीटू) के आह्वान पर संघर्ष को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकारों की होगी। धरने में नवांशहर, औड़, बंगा और बलाचौर ब्लॉक से आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर पहुंचे। धरने को सीटू पंजाब के महासचिव कामरेड महा सिंह रोड़ी, नेता कामरेड बलवीर सिंह जाडला और कामरेड चरणजीत सिंह ने भी संबोधित किया।
