आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में 206 विद्यार्थी हुए दीक्षित …..हिमाचल की चुनौतियों का तकनीकी समाधान खोजें युवा : राज्यपाल

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प्रधानमंत्री के “सबका प्रयास” के संकल्प को नई ऊर्जा व दिशा प्रदान करेंगे युवा इंजीनियर : कविंद्र गुप्ता
आपदा प्रबंधन, कृषि और जल संरक्षण में नवाचार पर जोर
रोहित जसवाल।  ऊना, 3 सितंबर. हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए ऐसी तकनीक विकसित करने की जरूरत है, जो संभावित आपदाओं की पूर्व जानकारी दे और समय रहते नुकसान को कम करने में मदद करे। आईआईआईटी ऊना के युवा प्रौद्योगिकीविद इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। यह बात राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही। यह समारोह गुरुवार को लता मंगेशकर कला केंद्र ऊना के सभागार में आयोजित किया गया।
राज्यपाल ने स्नातकों से हिमाचल प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा की सार्थकता तब है, जब ज्ञान और नवाचार को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि एआई, आईओटी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें तेजी से दुनिया को बदल रही हैं। ऐसे दौर में युवा प्रौद्योगिकीविदों को अपनी तकनीकी दक्षता का उपयोग ऐसे समाधानों के विकास में करना चाहिए, जिनका लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचे।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने स्नातकों, उनके परिवारों और संकाय सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा के एक चरण का समापन होने के साथ नई जिम्मेदारियों और संभावनाओं से भरी यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से कहा कि आपकी डिग्री आपकी मंजिल नहीं है, यह आपकी यात्रा की नींव है।May be an image of dais and text
उन्होंने कहा कि संस्थान से निकल रहे युवा अपने साथ माता-पिता का विश्वास, शिक्षकों की अपेक्षाएं और राष्ट्र की आशाएं लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन-2047 के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने, बदलती तकनीक के साथ निरंतर सीखते रहने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज तथा राष्ट्र के हित में करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने तकनीकी दक्षता के साथ चरित्र, ईमानदारी और जिम्मेदार नागरिकता को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने निरंतर इस बात पर बल दिया है कि युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है और 21वीं सदी का भारत ज्ञान, कौशल, नवाचार और प्रौद्योगिकी की शक्ति से आगे बढ़ेगा। उनका विकसित भारत- 2047 का विज़न केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि एक ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प है जो तकनीकी रूप से सक्षम, आत्मनिर्भर, नवाचारी, समावेशी और विष्व में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने वाला राष्ट्र हो। प्रधानमंत्री ने युवाओं से “सबका प्रयास” की भावना के साथ देश की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि आई.आई.आई.टी. ऊना के विद्यार्थी और युवा इंजीनियर इस राष्ट्रीय संकल्प को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करेंगे।May be an image of temple, dais and text that says "म्ोयोंशिज भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना हिमाचल प्रदेश दीक्षांतंह मारोह 2 INDIAN INSTITUTEOF INFORMATIONTE TECHNOLOGY UNA HIMACHAL HIMACHALPRADESH PRADESH 대하치크까리리 AFORSATION 6 CONVOCASON GON 2026 VOCA"
इस अवसर पर लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आज का युवा भारत का भविष्य ही नहीं, भारत का भाग्य भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ज्ञान की खोज का माध्यम है, जो नए विचारों, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की राह खोलती है। उन्होंने युवाओं से चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने और अपनी क्षमता के बल पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के “ये दिल मांगे मोर” के जज्बे का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से देश के लिए कुछ और बेहतर करने की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से संविधान के मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझने, नशे से दूर रहने, खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार ने कहा कि 21वीं सदी के भारत का नेतृत्व करने के लिए देश का युवा तैयार है। उन्होंने विद्यार्थियों से रोजगार सृजक बनने और ज्ञान, विज्ञान, कला व तकनीक के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को गति देने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने हिमाचल की बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों के समाधान के लिए नई तकनीक विकसित करने तथा तकनीक को समाज के विभिन्न वर्गों और दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से जिज्ञासु बने रहने तथा चरित्र और ईमानदारी से समझौता न करने का आह्वान किया।
दीक्षांत समारोह के दौरान स्नातकों ने शपथ ली और सत्यनिष्ठा, देश, पेशे एवं संस्थान की गरिमा, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता तथा समाज की सेवा में अपने ज्ञान के उपयोग के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की।May be an image of dais, temple and text that says "दबना बोदोशिके ស្ត भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना हिमाचल प्रदेश दीक्षांत समारोह 2026 INDIAN INSTITUTE OF IONTECHNOLOGY UNA HIMACHAL HIMACHALPRADESH PRADESH कसेतर स CONVOCATION 2026"
206 विद्यार्थियों ने हासिल की उपाधि
आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में कुल 206 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 189 बी.टेक. और 17 एम.टेक. (सीएसई-डेटा साइंस) के विद्यार्थी शामिल हैं। एम.टेक. सीएसई (डेटा साइंस) के प्रथम बैच के विद्यार्थी भी इस अवसर पर दीक्षित हुए।
संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने शैक्षणिक सत्र की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने अकादमिक, प्लेसमेंट, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों को रेखांकित किया।
बी.टेक. के स्नातक बैच ने 95.86 प्रतिशत प्लेसमेंट दर दर्ज की। प्लेसमेंट के लिए उपस्थित 169 विद्यार्थियों में से 162 विद्यार्थियों का चयन हुआ। विद्यार्थियों को 53.6 लाख प्रति वर्ष का उच्चतम पैकेज और 13.46 लाख रुपये प्रति वर्ष का औसत पैकेज मिला। प्लेसमेंट प्रक्रिया में 70 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया।
शाखावार प्लेसमेंट दर सीएसई में 96.49 प्रतिशत, ईसीई में 98.31 प्रतिशत और आईटी में 92.45 प्रतिशत रही।
शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए पदक
बी.टेक. सीएसई में वंश गाबा ने 9.21 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, अमृतांश झा ने 9.16 के साथ रजत और पारस त्यागी ने 9.10 के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
बी.टेक. ईसीई में चंद्रादित्य परमार ने 9.43 के साथ स्वर्ण, कौस्तुभ अग्रवाल ने 9.31 के साथ रजत और शर्मा विवेक अनिलकुमार ने 9.17 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।
बी.टेक. आईटी में अंशिका अरोड़ा और हर्ष यादव ने 9.19 के साथ स्वर्ण, तुषार ने 8.79 के साथ रजत तथा आर्यन आर्या ने 8.74 के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
एम.टेक. सीएसई (डेटा साइंस) में अंकुर शर्मा ने 8.73 के साथ स्वर्ण, शिवांगी ठाकुर ने 8.24 के साथ रजत और किशन श्रीवास्तव ने 8.23 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।
इस अवसर पर एचपीएसआईडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, शासी मंडल एवं सीनेट के सदस्य, संकाय सदस्य, अभिभावक तथा संस्थान समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे।
समारोह का समापन आईआईआईटी ऊना के कुलसचिव रवि सैनी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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