होशियारपुर/दलजीत अजनोहा : आध्यात्मिक जीवन, ज्योतिष और मानव जीवन से जुड़े सवालों के उत्तर जानने के लिए दलजीत अजनोहा ने वृंदावन के सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य और आध्यात्मिक मार्गदर्शक आचार्य पंकज हरी गोपाल जी से एक विशेष भेंटवार्ता की। इस बातचीत में जीवन की विभिन्न जटिलताओं, भाग्य, कर्म और अध्यात्म से जुड़े गहरे विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।
आचार्य पंकज हरी गोपाल जी ने बताया कि इंसान का जीवन केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका वास्तविक उद्देश्य आत्मिक उन्नति है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अध्यात्म और ईश्वर भक्ति से दूर होते जा रहे हैं, जबकि सुख, शांति और संतोष का मूल स्रोत केवल आंतरिक साधना और ईश्वर से जुड़ाव ही है।
ज्योतिष शास्त्र के बारे में पूछे गए सवालों के उत्तर देते हुए आचार्य जी ने बताया कि ग्रह-नक्षत्र निश्चित रूप से जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन व्यक्ति का परिश्रम, सकारात्मक सोच और सत्कर्म ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकते हैं। उन्होंने समझाया कि ज्योतिष को केवल भविष्यवाणी के साधन के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि यह जीवन को सही दिशा दिखाने वाला मार्गदर्शन है।
आचार्य जी ने विशेष रूप से युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि अध्यात्म और ज्योतिष किसी अंधविश्वास का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि यह जीवन के लिए मार्गदर्शक हैं। युवाओं को चाहिए कि वे अपने जीवन में अनुशासन, भक्ति और कर्मठता को अपनाएं, तभी वे सफलता और सुख की प्राप्ति कर सकते हैं।
इस बातचीत के दौरान उन्होंने लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए बताया कि पूजा-पाठ, ध्यान और सत्संग जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं और तनाव को दूर करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे भागते हैं, लेकिन मानसिक शांति केवल अध्यात्म के मार्ग पर चलकर ही प्राप्त की जा सकती है।
इस विशेष बातचीत को लेकर उपस्थित लोगों में गहरी रुचि देखने को मिली और उन्होंने आचार्य जी के विचारों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा ली।
