आर्थिक संकट के लिए भाजपा पर दोष मढ़ने के बजाय विकास पर ध्यान दें मुख्यमंत्री : जयराम ठाकुर

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सरकार की आलोचना से बचने के लिए कर रहे ब्यानबाजी, हर रोज़ बदले जा रहे फैसलों से हो रही फ़जीहतए

एम नाथ। ज्वालाजी : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुखू के वित्तीय अनुशासन पर दिए बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री अपनी नाकामी छुपाने के लिए पूर्व भाजपा सरकार पर दोष मढ़कर सिर्फ अपनी राजनीति चमका रहे हैं। ये पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्हें रोज़ झूठ बोलने की आदत सी हो गई है। ये न तो स्वयं पहले कभी सरकार में मंत्री रहे हैं और न इन्हें सरकार चलाने का कोई अनुभव है। आज इनकी ब्यानबाजी से सरकार की हर रोज़ जितनी फ़जीहत हो रही है उससे मुख्यमंत्री अब बौखलाए हुए हैं। अपनी झल्लाहट कभी मीडिया बंधुओं पर निकालते हैं तो कभी सोशल मीडिया में हो रही थू थू पर भाजपा को अपनी आलोचना के लिए कोसते हैं। आज क्या हालात इस सरकार के हो रहे हैं कि पहले नोटिफिकेशन निकाली जाती है और फिर दो दिन बाद फिर से बैक डेट की नोटिफिकेशन निकालकर उसे सुधारने की कोशिश की जाती है। हर रोज़ मुख्यमंत्री जनता पर कैसे टैक्स का बोझ डाला जाए उसके लिए नए नए पैंतरे लगाते हैं लेकिन हर बार उन्हें जनता के विरोध का सामना करना पड़ता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिस मुख्यमंत्री ने दो साल के अल्प काल में ही 30 हज़ार करोड़ का लोन ले लिया हो वो अगले तीन साल कितना और लोन लेकर प्रदेश को कर्जे के बोझ तले डूबा देगा ये अनुमान अभी से लगाया जा सकता है। 1 लाख रुपये से अधिक का खर्च हो चुका है लेकिन बाबजूद मुख्यमंत्री ऐसे बयान दे रहे हैं कि मैं 2027 तक हिमाचल प्रदेश को कर्ज मुक्त कर दूंगा और 2032 तक देश का सबसे समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बना दूंगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आजकल ऐसे अर्थशास्त्री बने हुए हैं जैसे उनसे ज्यादा पढ़ा लिखा दूसरा कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूँ कि आप मेहरबानी करके रोज़ की ऐसी ब्यानबाजी से परहेज कर विकास पर ध्यान दें। हमारा प्रदेश आपके व्यवस्था परिवर्तन के चलते दस वर्ष पीछे जा चुका है। आपका आर्थिक कुप्रबंधन आज प्रदेश को अन्य राज्यों की तुलना में सबसे निचले स्तर पर पहुंचा गया है जिसे उभरने के दशकों लग जाएंगे। आपकी ये व्यवस्था परिवर्तन की हठधर्मिता प्रदेश को कंगाल बना देगी। आज मात्र पहले दो साल में ही हर वर्ग सरकार से खफा हो चुका है। बिजली बोर्ड कर्मचारी आज आपके बेतुके फैसलों से सड़कों पर उतर चुका है और पेंशनरों ने पहले ही मोर्चा खोल रखा है। सचिवालय कर्मचारी वर्ग आपकी दमनकारी नीतियों के ख़िलाफ़ पहले ही आंदोलनरत है। सरकारी नौकरी के इंतजार में बैठा बेरोजगार आपके डेढ़ लाख खाली पड़े पदों को खत्म कर देने के बाद हताश और निराश है जबकि आपने हर वर्ष एक लाख सरकारी नौकरी देने की गारंटी दी थी। ऐसे हालात बने हुए हैं कि आज तक किसी भी सरकार के खिलाफ शुरुआती दो वर्षों में ही इतना विरोध कभी नहीं हुआ।

पूर्व मुख्यमंत्री ज्वालाजी में भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश के संगठन महामंत्री एवं भाजपा हिमाचल के पूर्व प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा के घर पहुंचे थे और वहां उनके बड़े भाई चंद्र राणा के दुःखद निधन के उपरांत परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। इस दौरान उनके साथ स्थानीय नेता भी उपस्थित रहे।

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