नई दिल्ली। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और उसका मोहरा बने पाकिस्तानी गैंग्सटर शहजाद भट्टी माॅड्यूल की साजिशें इस समय भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
देश में आतंकी वारदात कराने के लिए आईएसआई लगातार तरह-तरह के पैंतरे अपना रही है। इंस्टाग्राम व अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफाॅर्म के जरिये आईएसआई देश के युवाओं से संपर्क कर उन्हें लालच देकर आतंकी गतिविधियों में ढकेलने की कोशिश में लगी हुई है।
आईएसआई की हरकताें को देखते हुए ही केंद्रीय एजेंसियां व दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल समेत तमाम राज्यों की एंटी-टेरर स्क्वायड, पिछले छह माह से आईएसआई और इसके मोहरे शहजाद, उसके सहयोगियों व अंडरवर्ल्ड डान दाऊद इब्राहिम जैसे पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़ने वाले युवाओं पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार माॅनिटरिंग का ही नतीजा है कि स्पेशल सेल व अन्य एजेंसियां शहजाद माड्यूल के आतंकियों को गिरफ्तार कर रही हैं। सेल का दावा है कि आने वाले समय में इस माड्यूल के और भी आतंकी पकड़े जाएंगे।
डीसीपी स्पेशल सेल प्रवीण कुमार त्रिपाठी का कहना है कि पहले शहजाद भट्टी से जुड़े आतंकी पकड़े जा रहे थे, लेकिन अब जांच में सामने आया है कि शहजाद भट्टी के तीन-चार करीबी भी नए आतंकियों को भर्ती करने और उन्हें निर्देश देने में सक्रिय हो चुके हैं। स्पेशल सेल द्वारा रविवार को गिरफ्तार किए गए दानिश उर्फ चांद मियां, सलमान (मुजफ्फरनगर, खतौली), तैयब (शाहीन बाग), जुबैर खान (मोदीनगर), अली फजल (लिसारी गेट, मेरठ), मलकीत सिंह (कोहाला, अमृतसर) से लगातार पूछताछ की जा रही है। ये सभी नौ जुलाई तक पुलिस रिमांड पर है। इन सभी के मोबाइल भी खंगाले जा रहे हैं ताकि इनकी साजिशों और इनसे जुड़े अन्य आतंकियों के बारे में पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारी का कहना है कि इन्हें जांच के लिए पंजाब और यूपी भी ले जाया जाएगा। तैयब के परिजन का शाहीनबाग में धागे का बड़ा कारोबार है बावजूद इसके वह आईएसआई हैंडलर हसन गुज्जर के संपर्क में क्यों आया इसके बारे में भी पता लगाया जा रहा है।
हसन गुज्जर से जुड़े चारों आतंकी तैयब, जुबैर खान, अली फजल और मलकीत सिंह, पाकिस्तान से ड्रोन से पंजाब की सीमा में गिराए गए हथियार व कारतूस बेचने का धंधा कर रहे थे। इन्हें सीमा पर उन जगहों पर ले जाएगा जहां ड्रोन से हथियार गिराए जा रहे थे।
