ईरान के हमलों के बीच खाड़ी देश तन्हा, खत्म हुआ अमेरिका का ‘सुरक्षा कवच’? सुल्तानों को सताने लगा तख्तापलट का डर!

by

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में हालात अब पहले जैसे नहीं रहे. खाड़ी देशों के राजाओं और सुल्तानों को अब उस कड़वी सच्चाई का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे हमेशा बचना चाहते थे. अमेरिका के साथ उनका दशकों पुराना सुरक्षा गठबंधन अब खतरे में नजर आ रहा है।

पिछले 48 घंटों में जो कुछ भी हुआ, उसने खाड़ी देशों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या वे बिना अमेरिका के सुरक्षित रह पाएंगे. डोनाल्ड ट्रंप की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने की मांग और ईरान की जवाबी धमकियों ने पूरे क्षेत्र को विनाश के कगार पर खड़ा कर दिया है. ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर उस पर आगे हमला हुआ, तो वह तेल, गैस और न्यूक्लियर ठिकानों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा।

खाड़ी के देशों के लिए यह स्थिति किसी बुरे सपने से कम नहीं है. सालों से इन देशों ने अपनी सुरक्षा के लिए वाशिंगटन पर भरोसा किया. लेकिन ट्रंप के हालिया जुए ने इस भरोसे की नींव हिला दी है. जब युद्ध भड़का, तो उसके कुछ घंटे पहले तक खाड़ी देशों को लग रहा था कि शांति करीब है. ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी शांति समझौते की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन तभी अमेरिकी और इजरायली विमानों ने हमला कर दिया. अब खाड़ी देश बंद कमरों में अपनी नई रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।

क्या खाड़ी देश अब अपनी सुरक्षा के लिए अकेले हैं?

ईरान पर हमले के बाद खाड़ी देशों की शांति पूरी तरह छिन गई है. इजरायल और अमेरिका ने हमला किया, लेकिन इसका सबसे ज्यादा खामियाजा सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे देशों को भुगतना पड़ रहा है. ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों की ओर ड्रोन और मिसाइलें दागनी शुरू कर दी हैं. यूएई का दावा है कि उसने पिछले तीन हफ्तों में करीब 2,000 मिसाइलों और ड्रोनों का सामना किया है. हालांकि एयर डिफेंस सिस्टम ने काफी हद तक इन्हें रोका है, लेकिन असुरक्षा का माहौल पैदा हो चुका है. दुबई जैसे शहर, जो अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल और सुरक्षा के लिए जाने जाते हैं, अब युद्ध क्षेत्र जैसे दिखने लगे हैं।

दुबई और सऊदी का टूरिज्म सपना क्या टूट जाएगा?

दुबई की पूरी इकोनॉमी बिजनेस, टूरिज्म और ट्रांसपोर्ट पर टिकी है. जब आसमान में ड्रोन मंडराने लगें, तो विदेशी सैलानी और निवेशक दूरी बनाने लगते हैं. फ्लाइट ट्रैफिक आधा रह गया है और बड़े-बड़े मॉल खाली पड़े हैं. यही हाल सऊदी अरब का भी है, जो विजन 2030 के तहत खुद को ग्लोबल टूरिज्म हब बनाने की कोशिश कर रहा है. ईरान के हमलों ने इन देशों की उस इमेज को चोट पहुंचाई है, जिसे बनाने में उन्होंने अरबों डॉलर खर्च किए हैं. अगर यह तनाव लंबा चला, तो खाड़ी देशों का आर्थिक ढांचा चरमरा सकता है।

तेल और गैस सप्लाई ठप होने से कितना बड़ा नुकसान?

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग बंद कर दिया है, जो दुनिया की तेल सप्लाई का सबसे अहम रास्ता है. शुरुआती दो हफ्तों में ही खाड़ी के तेल उत्पादकों को 15 अरब डॉलर के रेवेन्यू का नुकसान हो चुका है. कतर के रास लफान गैस कॉम्प्लेक्स पर हुए हमलों ने उसकी एक्सपोर्ट क्षमता को 17 प्रतिशत तक गिरा दिया है. इससे सालाना 20 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान है. सबसे बड़ी चिंता यह है कि खाड़ी देश इस युद्ध का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे, फिर भी वे इसमें पिस रहे हैं।

क्या अब ईरान के साथ रिश्ते सुधारना नामुमकिन है?

पिछले कुछ सालों में खाड़ी देशों ने ईरान के साथ रिश्तों को सुधारने की बहुत कोशिश की थी. लेकिन अब वे प्रयास पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं. खाड़ी देशों को डर है कि अगर ईरानी शासन इस हमले के बाद भी बच गया, तो वह अपने पड़ोसियों से बदला लेने के लिए और भी आक्रामक हो जाएगा. दूसरी ओर, उन्हें यह भी डर है कि अगर अमेरिका वहां सत्ता परिवर्तन की कोशिश करता है, तो पूरे क्षेत्र में अराजकता फैल जाएगी. ऐसी स्थिति में खाड़ी देशों के पास अपनी सैन्य शक्ति बढ़ाने और सुरक्षा के लिए अमेरिका के बजाय नए विकल्पों की तलाश करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

जो लोग आरक्षण के हकदार थे और इससे लाभान्वित भी हो चुके है, उन्हें बाहर निकालना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली  :  सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पिछड़ी जातियों में जो लोग आरक्षण के हकदार थे और इससे लाभान्वित भी हो चुके हैं, उन्हें अब आरक्षित श्रेणी से बाहर निकालना चाहिए। शीर्ष कोर्ट...
article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

फॉरेंसिक रिपोर्ट से बड़ा खुलासा! आतिशी ने नहीं बोला ‘गुरु’, फर्जी वीडियो पर आप का बीजेपी और कांग्रेस पर तीखा हमला

नई दिल्ली : सिख गुरूओं के बेअदबी मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पंजाब पुलिस की फारेंसिक जांच में साफ हो गया है कि दिल्ली की नेता विपक्ष आतिशी ने अपने वक्तव्य में “गुरु”...
हिमाचल प्रदेश

मां चिंतपूर्णी मंदिर : शनिवार और रविवार को कुल 25 हजार श्रद्धालुओं ने 18 लाख 28 हजार 427 रुपए का नगद चढ़ावा चढ़ाया

ऊना : विश्व विख्यात शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के मंदिर न्यास के वित्त एवं लेखाधिकारी शम्मी राज द्वारा ने शनिवार और रविवार के चढ़ावे के आंकड़े जारी किए हैं। उन्होंने बताया शनिवार को 10 हजार...
article-image
पंजाब

स्वर्गीय माता तृप्ता कोहली जी के नमित श्रद्धांजलि समारोह 7 अक्टूबर को केशो मंदिर में होगा

श्रद्धांजलि समारोह बाद दुपहर 2 बजे से 3 बजे तक होगा जिस में प्रमुख लोग दिवंगत आत्मा को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते शामिल होंगे है होशियारपुर/दलजीत अजनोहा : एडिशनल सेशन जज छत्तीसगढ़ अमित...
Translate »
error: Content is protected !!