ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर पर कर दिया हमला : 15 भारतीय क्रू थे सवार

by

नई दिल्ली :  मिडिल ईस्ट में इज़रायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच क्षेत्रीय तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इसी कड़ी में रविवार को रणनीतिक रूप से बेहद अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक ऑयल टैंकर पर हमला किए जाने की खबर सामने आई है। इस घटना में चार नाविक घायल हो गए, जबकि जहाज पर 15 भारतीय समेत कुल 20 क्रू सदस्य सवार थे।

ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर  और सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, पलाऊ के झंडे वाले ‘स्काइलाइट’ नामक तेल टैंकर को मुसंदम प्रांत के खासाब पोर्ट से लगभग पांच नॉटिकल मील दूर निशाना बनाया गया। यह हमला तब हुआ जब अधिकारियों ने कहा कि जब से अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया है, ईरान रेडियो के जरिए स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को धमकी दे रहा है। यह स्ट्रेट इतना महत्वपूर्ण है कि यहीं से दुनियाभर को लगभग 20 फीसदी तेल जाता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालिया अमेरिकी और इज़रायली सैन्य कार्रवाइयों के बाद ईरान की ओर से रेडियो प्रसारण के जरिए इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनियां दी जा रही थीं। समुद्री अधिकारियों और यूरोपीय संघ के नेवल मिशन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जहाजों को सतर्क रहने और क्षेत्र से गुजरने से बचने की सलाह दी है। हालांकि तेहरान ने औपचारिक रूप से जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा नहीं की है, लेकिन बढ़ते खतरे को देखते हुए बीमा कंपनियों ने युद्ध-जोखिम प्रीमियम बढ़ा दिए हैं और कई बड़ी शिपिंग कंपनियों ने अस्थायी रूप से अपने शिपमेंट रोक दिए हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज  फारस की खाड़ी को हिंद महासागर से जोड़ता है और ईरान तथा ओमान के मुसंदम क्षेत्र के बीच स्थित है। लगभग 50 किलोमीटर चौड़ा यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए जीवनरेखा माना जाता है। दुनिया के कुल तेल निर्यात का करीब 20 प्रतिशत इसी रास्ते से गुजरता है।

अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन  के अनुसार, यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ‘ऑयल चोकपॉइंट्स’ में से एक है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि यदि यह जलमार्ग अवरुद्ध होता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है, क्योंकि इसके विकल्प बेहद सीमित हैं। EIA के आंकड़ों के मुताबिक, यहां से गुजरने वाले 80 प्रतिशत से अधिक तेल और गैस की आपूर्ति एशियाई बाजारों को होती है। चीन, जो ईरान का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है, ईरान के तेल निर्यात का 90 प्रतिशत से अधिक खरीदता है।

रणनीतिक द्वीप और बढ़ती चिंता :  ईरान के नियंत्रण वाले होर्मुज, केशम और लारक जैसे द्वीप रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसके अलावा ग्रेटर टुंब, लेसर टुंब और अबू मूसा जैसे विवादित द्वीप भी इसी क्षेत्र में स्थित हैं, जिन पर 1971 से ईरान का नियंत्रण है और जिन्हें लेकर संयुक्त अरब अमीरात के साथ विवाद रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, शिपिंग इंडस्ट्री और समुद्री सुरक्षा पर पड़ेगा। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस संवेदनशील समुद्री मार्ग पर टिकी हुई हैं।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

पंजाब

सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल नसराला में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव को श्रद्धांजलि

4 होनहार छात्राओं को गी शहीदों के जीवन वृतांत पेश करती पुस्तकें होशियारपुर :  शहीद-ए-आजम स. भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव का शहीदी दिवस सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल नसराला में मनाया गया जहां...
article-image
हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश : 1 आईएएस और 49 एचएएस अधिकारियों के ट्रांसफर

हिमाचल सरकार ने  विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया। जिसमें सरकार ने एक आईएएस और 49 एचएएस  अधिकारियों के ट्रांसफर -पोस्टिंग के आदेश जारी किए हैं। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने...
article-image
हिमाचल प्रदेश

सीएम सुक्खू ने पूछा कि जयराम ठाकुर कैसे पता कि कोर्ट क्या फैसला सुनाने बाला : मुख्यमंत्री सुक्खू

एएम नाथ । शिमला : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सीपीएस की नियुक्ति का मामला हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की जयंती...
article-image
पंजाब

पूर्ण स्वराज के लिए ईमानदारी से करें कार्य : अमरजीत

सभ्याचार संभल सोसाइटी ने शहीद ए आजम भगत सिंह को समर्पित करवाया सेमिनार होशियारपुर/दलजीत अजनोहा : जब देश गुलाम था तब एक शहीदे आज़म ने पूरे देश में क्रांति की लहर को अपना जीवन...
Translate »
error: Content is protected !!