एएम नाथ । शिमला/ देहरादून : देश के कई पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में तेज बारिश के कारण भूस्खलन होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
इससे दोनों राज्यों में 300 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं और कई क्षेत्रों का संपर्क बाकी इलाकों से टूट गया है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से काम में दिक्कत आ रही है।
उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते तीन राष्ट्रीय राजमार्ग सहित करीब 120 सड़कें बंद हैं। कई स्थानों पर पहाड़ों से मलबा और चट्टानें गिरने के कारण यातायात प्रभावित हुआ है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा बह जाने से करीब 100 श्रद्धालु रास्ते में फंस गए थे। प्रशासन और बचाव दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रस्सियों की मदद से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
रुद्रप्रयाग जिले के सिरोबगड़ क्षेत्र में शनिवार तड़के भूस्खलन होने से बद्रीनाथ हाईवे करीब दो घंटे तक बंद रहा। सुबह लगभग 3:30 बजे सड़क पर भारी मात्रा में मलबा आने से वाहनों की आवाजाही रुक गई थी। बाद में मशीनों की मदद से मलबा हटाकर हाईवे को फिर से खोल दिया गया। इसके अलावा गौरीकुंड से केदारनाथ जाने वाले पैदल मार्ग के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से हालत खराब : हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। राज्य में 189 सड़कें बंद हैं। इसके साथ ही 146 से अधिक बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप हो गए हैं और 104 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। किन्नौर जिले में सांगला घाटी को जोड़ने वाला वैली ब्रिज शनिवार रात ढह गया। इससे घाटी का संपर्क पूरी तरह टूट गया। इससे पहले शुक्रवार को भारी बारिश के कारण पुल के नीचे की जमीन खिसक गई थी, जिसके बाद पुल हवा में लटका हुआ था। राजधानी शिमला के रझाना क्षेत्र में भी भूस्खलन हुआ, जिससे पहाड़ी से गिरे मलबे की चपेट में आने से दो कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। मौसम विभाग ने रविवार के लिए ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी जिलों के कुछ हिस्सों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
जम्मू-कश्मीर के कटड़ा में हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित
जम्मू-कश्मीर के कटड़ा में खराब मौसम का असर माता वैष्णो देवी यात्रा पर भी पड़ा। दिनभर हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित रही, जिसके कारण यात्रियों को पैदल, घोड़े, पालकी और पिट्ठू सेवाओं का सहारा लेकर भवन तक जाना पड़ा। मौसम विभाग ने अगले कुछ समय तक बारिश की संभावना जताई है।
मिजोरम में बाढ़ में फंसे यात्रियों का बचाव : पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। इस दौरान चार यात्री बाढ़ के पानी में फंस गए। सूचना मिलने के बाद बचाव दल मौके पर पहुंचा और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुणे हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ी
महाराष्ट्र के पुणे में कचरा प्लांट में हुए हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। बचाव दल अब तक मलबे में फंसे 14 लोगों को सुरक्षित निकाल चुका है। राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है।
कई राज्यों में अगले पांच दिन कम बारिश की संभावना
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र सहित सात राज्यों में अगले पांच दिनों तक सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। मानसूनी बादल अब देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों की ओर बढ़ गए हैं। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे राज्यों में मानसून अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय है। इन इलाकों में भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
