एक बार फिर से गौरव बने जिला चंबा के जितेन्द्र पंकज शर्मा और रितिका ठाकुर

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5 साल के इंतजार के बाद इस वर्ष के गणतंत्र दिवस परेड दिल्ली के कर्तव्य पथ पर हिमाचल प्रदेश की झांकी में आएंगे नज़र

एएम नाथ। चंबा : जिला चंबा और हिमाचल प्रदेश की संस्कृति को विश्व स्तरीय पहचान दिलाने के लिए पिछले 20 सालों से चंबा के 2 कलाकार जितेन्द्र पंकज शर्मा और रितिका ठाकुर कार्यरत है। ये दोनों कलाकार इस बार के गणतंत्र दिवस परेड दिल्ली में हिमाचल की झांकी में देखने को मिलेंगे, 5 साल के इंतजार के बाद एक बार फिर गणतंत्र दिवस परेड दिल्ली के कर्तव्य पथ पर हिमाचल प्रदेश की झांकी देखने को मिलेगी जिसमें जिला चंबा से इस झांकी के लिए चंबा के जाने माने कलाकार जितेन्द्र पंकज शर्मा और रितिका ठाकुर का चयन हुआ है जो कि जिला चंबा से फिर एक बार हिमाचल का प्रतिनिधित्व करते हुए दिखेंगे, संपूर्ण चंबा जिला के लिए ये एतिहासिक क्षण है। आपको बता दे कि इससे पहले भी ये दोनों कलाकार वर्ष 2017 में चंबा रुमाल पर आधारित झांकी का हिमाचल प्रदेश के लिए कर्त्तव्य पथ पर प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। जितेंद्र पंकज शर्मा पेशे से गायक व एक्टर हैं और रितिका ठाकुर बेहतरीन मंच संचालन के साथ साथ हिमाचली कलाकार भी है।
एक बार फिर इन्हें हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित किया गया है, इसके अलावा जिला कुल्लू, सिरमौर और उना से भी कलाकार इनका साथ देते नज़र आयेंगे। इन दोनों होनहार कलाकारों को आप विभिन्न राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर देखते आए हैं और सोशल मीडिया जैसे यू ट्यूब फ़ेसबुक और इस्टाग्राम पर इनके चाहने वालों की एक लम्बी फेहरिस्त है। जहां जितेन्द्र पंकज शर्मा के कई गाने मिलियन व्यू के साथ उनकी क्षेत्रीय भाषाओं की फ़िल्मों को भी लोगों ने खूब सराहा है, ये दोनों कलाकार करीब 20 सालों से चंबा और हिमाचल प्रदेश की संस्कृति को विश्व पटल पर लाने के लिए कार्यरत हैं।
2026 के गणतंत्र दिवस पर हिमाचल प्रदेश की झांकी की थीम “हिमाचल प्रदेश के वीरता पुरस्कार विजेता” है, जिसमें प्रदेश के परमवीर चक्र, अशोक चक्र और महावीर चक्र विजेताओं की शौर्य गाथाओं और बर्फ से ढके पहाड़ों की भव्य झलक दिखाई देगी, जो देवभूमि हिमाचल की वीरता और सैन्य योगदान को प्रदर्शित करेगी। इसमें मेजर सोमनाथ शर्मा सहित हिमाचल के चार परमवीर चक्र विजेताओं और अन्य सैन्य सम्मान पाने वालों की तस्वीरें होंगी।
झांकी में देवभूमि हिमाचल के वीर सैनिकों के शौर्य और बर्फ से ढके पहाड़ों का शानदार प्रदर्शन होगा, जो देश के सैन्य इतिहास में हिमाचल के योगदान को दर्शाता है।
छह साल के अंतराल के बाद हिमाचल की झांकी कर्तव्य पथ पर लौटेगी, जिसे रक्षा मंत्रालय की समिति ने मंजूरी दी है।

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