लुधियाना, 18 सितंबर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) में दो दिवसीय किसान मेले का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने किसान संगठनों से धरने-प्रदर्शन के बजाय सीधे सरकार से बातचीत करने की अपील की। साथ ही किसानों को खेती की लागत घटाने, मिट्टी व फसल की जांच के बाद ही कीटनाशकों का छिड़काव करने और पराली न जलाने की सलाह दी।
मान ने कहा कि किसान संगठन जब भी बैठक करना चाहें, सीधे उनके पास आएं। उन्होंने कहा कि पहले धरना लगाया जाता है और बाद में बैठक की मांग की जाती है। हल्के-फुल्के अंदाज में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह किसानों के मित्र हैं, लेकिन किसान उन पर भी स्प्रे कर देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को खेती की लागत कम करने पर ध्यान देना होगा। मिट्टी और फसल की जांच के बाद ही जरूरत के मुताबिक स्प्रे किया जाना चाहिए। पराली जलाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि किसानों को इस मामले में बदनाम किया जाएगा, लेकिन पंजाब सरकार किसानों पर पर्चे दर्ज करने के बजाय समाधान और प्रोत्साहन पर जोर देगी। उन्होंने केंद्र से भी पराली प्रबंधन के लिए किसानों को इंसेंटिव देने की मांग की और कहा कि पंजाब सरकार भी इसके लिए प्रोत्साहन देगी। 
20 सितंबर से AAP का घर-घर अभियान
इसी बीच आम आदमी पार्टी ने 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत 20 सितंबर से राज्यव्यापी डोर-टू-डोर अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी 19 सितंबर को लुधियाना में चुनावी पंफलेट जारी करेगी, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने विधानसभा क्षेत्र धूरी से घर-घर संपर्क अभियान की शुरुआत करेंगे।
AAP पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने चंडीगढ़ में बताया कि अभियान करीब एक महीने चलेगा। उनके अनुसार पंजाब के 25,332 बूथों पर करीब 2.68 लाख बूथ कमेटी सदस्य और कार्यकर्ता लोगों से संपर्क करेंगे और सरकार के कामकाज तथा योजनाओं की जानकारी देंगे।
सिसोदिया ने दावा किया कि AAP सरकार ने 2022 के चुनावी वादों को पूरा किया है और विभिन्न योजनाओं से एक औसत परिवार को सालाना करीब 1.82 लाख रुपये, यानी लगभग 15 हजार रुपये मासिक का लाभ मिल रहा है। ये आंकड़े पार्टी द्वारा किए गए दावे हैं।
नशे के मुद्दे पर BJP-कांग्रेस पर निशाना
सिसोदिया ने अभियान के दौरान पिछली अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल को भी मुद्दा बनाने की बात कही। उन्होंने नशे की समस्या को लेकर पिछली सरकारों पर आरोप लगाए और कहा कि AAP सरकार ने तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है।
AAP की ओर से पंजाब में नशे की सप्लाई को लेकर भाजपा शासित राज्यों पर भी आरोप लगाए गए हैं। 80 प्रतिशत नशे की सप्लाई भाजपा शासित राज्यों से आने का दावा AAP नेताओं द्वारा किया गया है; यह एक राजनीतिक दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इन स्रोतों से नहीं होती।
AAP प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने भी भाजपा से उसके शासन वाले राज्यों में नशे के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की और आरोप लगाया कि पंजाब में अब बाहर से नशे की सप्लाई हो रही है। वहीं, भाजपा पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर AAP सरकार पर लगातार सवाल उठा रही है।
