मेरठ : अमेरिका-इजरायल व ईरान के बीच युद्ध के चलते शहर के कैप्टन पार्थ अधाना को भी तीन रात दुबई में काटनी पड़ी। इस दौरान दुबई में भी धमाकों, मिसाइलों व ड्रोन की गूंज रात में सुनाई देती रही।
भारत के लिए कोई फ्लाइट न मिलने व बेटे के दुबई में फंसे होने के कारण स्वजन की आंखों में भी तीन दिन तक नींद गायब रही। साथ ही उनके लौटने तक पूरा परिवार चिंता में डूबा रहा। शहर के छीपी टैंक पर डा. इंद्रेश कुमार अधाना का परिवार रहता है। डा. अधाना जय किसान इंटर कालेज पूठी में प्रधानाचार्य हैं। उनकी पत्नी मीनाक्षी सिंह गृहणी है। परिवार में दो बच्चे कैप्टन पार्थ अधाना व बेटी अवनि हैं। डा. अधाना के बड़े भाई नरेश गुर्जर वरिष्ठ भाजपा नेता है।
कैप्टन पार्थ अधाना ने 12 वीं तक की शिक्षा वेस्ट एंड रोड स्थित मेरठ पब्लिक स्कूल मेन विंग से प्राप्त की।इसके बाद पायलट का कोर्स पूरा कर एक साल पहले ही एयर इंडिया में पायलट पद पर ज्वाइन किया है। कैप्टन पार्थ ने 27 फरवरी की सुबह दिल्ली से लखनऊ होते हुए दुबई के लिए उड़ान भरी।
28 फरवरी की सुबह चार बजे दुबई पहुंचे। पता चला कि वापसी की उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। परिणाम स्वरूप कैप्टन पार्थ को भी दुबई स्थित एक होटल में रूकना पड़ा। दुबई से उड़ानें रद्द होने की सूचना स्वजन को फोन करके दी। इस पर उनके स्वजन भी चिंतित हो उठे। वहीं, युद्ध के चलते रात में मिसाइलों व ड्रोन की गूंज की सूचना ने स्वजन को भी चिंता में डाल दिया। स्वजन बीच-बीच में बराबर संपर्क कर उनकी जानकारी लेते रहे।
कैप्टन पार्थ को दो मार्च की रात करीब 12 बजे स्वदेश वापसी की फ्लाइट मिलीं। जिसमें उनके साथ करीब 120 क्रू मेंबरों की वापसी हुई।वे भी विभिन्न स्थानों पर ठहरे हुए थे। सोमवार की रात करीब चार बजे वे दिल्ली वापस लौटे। वहां से मंगलवार को सुबह स्वजन के साथ घर पहुंचे। डा. अधाना ने बेटे की वापसी पर भगवान का आभार जताया। उनका कहना है कि बेटे के दुबई में फंसे होने और युद्ध के जारी रहने से पूरे अधाना परिवार की तीन रात बिना नींद के कटी हैं।
