गढ़शंकर। देश की एकता और अखंडता के लिए अपनी जानें कुर्बान करने वाले अमर शहीदों चौधरी बलवीर सिंह और प्रिंसिपल ओम प्रकाश बग्गा की याद को ताज़ा रखने के लिए समाज सेवी संस्था सवेरा द्वारा 2025-26 का सम्मान गंगा-जमुनी एकता अवार्ड समाज सेवी, कम्युनिस्ट विचारधारा के अनुयायी, सक्रिय राजनीतिज्ञ, लोक अधिकारों के लिए निरंतर संघर्षशील कॉमरेड दर्शन सिंह मट्टू और पूर्व चेयरमैन इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट होशियारपुर सरदार तेजिंदर सिंह सोढ़ी जी को दिया जा रहा है। यह अवार्ड शहीदों की वारिस संस्था सवेरा द्वारा ऐतिहासिक दिन मजदूर दिवस पर पहली मई को दिया जा रहा है, जिसके संयोजक डॉक्टर अजय कुमार बग्गा हैं। इन पंक्तियों में मैं कॉमरेड दर्शन सिंह मट्टू के बारे में लिख रहा हूँ।
कॉमरेड दर्शन सिंह मट्टू का आधी सदी से अधिक समय अन्याय, अत्याचार और बेइंसाफी के खिलाफ संघर्षशील जीवन रहा है। विद्यार्थी संघर्ष, युवाओं की मांगें, किसान आंदोलनों, औद्योगिक मजदूरों, खेत मजदूरों और कांडी क्षेत्र की समस्याओं के लिए अब तक का पूरा जीवन डटकर संघर्ष करने और नेतृत्व करने में बीता है।
कॉमरेड दर्शन सिंह मट्टू पंजाब में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने निचले पदों से लेकर राज्य स्तर तक नेतृत्व किया है। वे एसएफआई (स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया) पंजाब इकाई के राज्य अध्यक्ष रहे हैं। कॉमरेड मट्टू के नेतृत्व में स्कूल स्तर से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक विद्यार्थियों की मांगों और समस्याओं के समाधान के लिए सैकड़ों संघर्ष लड़े गए और जीत हासिल की गई। किसान आंदोलनों और युवाओं की मांगों के लिए डटकर नेतृत्व करते हुए कॉमरेड दर्शन सिंह मट्टू को देखा गया है। गढ़शंकर, बलाचौर और नवांशहर की स्थानीय मांगों के लिए चल रहे संघर्षों के वे हीरो हैं। वे हर तरह के अत्याचार, पुलिस जुल्म और बेइंसाफी के खिलाफ चल रहे संघर्षों में लगातार उपस्थित रहते हैं। अवैध खनन, कांडी क्षेत्र की समस्याएँ जैसे कांडी नहर, जंगली जानवरों और आवारा पशुओं की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के संघर्षों के कॉमरेड मट्टू अगुआ हैं।
कॉमरेड दर्शन सिंह मट्टू जहाँ पुलिस अत्याचार के खिलाफ लगातार संघर्ष में रहते हैं, वहीं जब पुलिस कर्मचारियों ने अपनी मांगों के लिए 1979 में हड़ताल की, तो मट्टू ने उस हड़ताल का समर्थन किया और इस आरोप में कॉमरेड दर्शन सिंह मट्टू और स्वर्गीय कॉमरेड रघुनाथ सिंह को गिरफ्तार किया गया तथा 92 दिनों की जेल यात्रा करनी पड़ी। जन आंदोलनों का नेतृत्व करते हुए उन्हें 3 साल 6 महीने जेलों में भी बिताने पड़े। इन कुर्बानियों की प्रेरणा उन्हें महान देशभक्त और अमर शहीद कॉमरेड चन्नन सिंह दूत, कॉमरेड नैना सिंह दूत, अमर शहीद कॉमरेड दर्शन सिंह कैनेडियन और कॉमरेड भगत सिंह झुग्गियाँ से मिली।
कॉमरेड मट्टू जहाँ मजदूर वर्ग की राजनीति से जुड़े हुए हैं, वहीं वे बड़े समाज सेवी भी हैं। उन्होंने और उनकी धर्मपत्नी कॉमरेड सुभाष चौधरी ने गढ़शंकर इलाके में 17 बार रक्तदान शिविर आयोजित किए हैं। उन्होंने स्वयं भी लगभग आधा दर्जन बार रक्तदान किया है। वे इतने बड़े समाजसेवी हैं कि मृत्यु के बाद अपने शरीर दान करने का भी ऐलान कर चुके हैं। वे बड़े पर्यावरण प्रेमी हैं, जिन्होंने इलाके में शिवालिक पहाड़ियों को बचाने, अवैध खनन रोकने, गरीब मेधावी विद्यार्थियों की पढ़ाई में सहायता करने, गरीब परिवारों की बीमारी और अन्य विपत्ति के समय मदद करने, गरीब परिवारों की लड़कियों को सिलाई मशीनें वितरित करने और नई पौधारोपण के प्रयासों में भी सक्रिय रहते हैं।
समाज सेवी संस्था सवेरा के संयोजक डॉक्टर अजय बग्गा और प्रबंधकों द्वारा देश की एकता और अखंडता के लिए अपनी जानें कुर्बान करने वाले अमर शहीदों की याद में गंगा-जमुनी एकता अवार्ड की घोषणा करते समय एक अच्छी शख्सियत का सही मूल्यांकन किया गया है।
