क्या चल गया कंगना रनौत का जादू ? …… एग्जिट पोल सही हुआ तो कंगना चुनाव बहुत आसानी से जीतकर संसद में पहुंच सकती

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एएम नाथ। मंडी : एग्जिट पोल ने हिमाचल प्रदेश की वादियों में कमल खिलने के आसार जता दिए गए हैं। POLSTRAT और PEPOLE’S INSIGHT के एग्जिट पोल के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में बीजेपी क्लीन स्वीप करती दिख रही है। प्रदेश में लोकसभा चुनाव की कुल 4 सीटें हैं, बीजेपी इन चारों सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है।

खास बात ये कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने हिमाचल प्रदेश की दो सीटों पर उम्मीदवार बदल दिए थे, इसके बावजूद बीजेपी के वोट प्रतिशत पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है। मंडी लोकसभा सीट पर पॉपुलर फिल्म एक्ट्रेस कंगना रनौत चुनावी मैदान में थीं, एग्जिट पोल बता रहा है कंगना बहुत आसानी से चुनाव जीतकर संसद में पहुंच सकती हैं।

क्या चल गया कंगना रनौत का जादू : कंगना रनौत के बीजेपी ज्वाइन करने के साथ ही ये कयास लगाया जाने लगा था कि उन्हें मंडी से टिकट मिल सकता है। और टिकट मिलते ही मंडी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र हॉट सीट बन गया। कंगना रनौत के सामने कांग्रेस के दिग्गज नेता विक्रमादित्य सिंह को मैदान में उतरा गया. मंडी सीट चूंकि परंपरागत तौर पर कांग्रेस का गढ़ रही है लिहाजा विक्रमादित्य सिंह यहां की एक दिग्गज हस्ती के तौर पर माने जाते रहे हैं लेकिन ऐसा लगता है , कंगना के ग्लैमर और लोकप्रियता के आगे कांग्रेस का दांव फीका पड़ गया. एग्जिट पोल के हिसाब से कांग्रेस यहां हार सकती है।

कांग्रेस का गढ़ रही है मंडी : मंडी लोकसभा सीट के इतिहास पर गौर करें तो यह कांग्रेस का गढ़ रही है। ना केवल गढ़ रही बल्कि कांग्रेस के कद्दावर नेताओं का भी किला रहा है. सुखराम, महेश्वर सिंह, वीरभद्र सिंह, प्रतिभा सिंह को यहां से जीत मिलती रही है. 2021 के उपचुनाव में भी प्रतिभा सिंह ने बीजेपी के कब्जे में चली गई इस सीट को वापस अपने पाले में कर लिया था। इस चुनाव में उन्होंने बीजेपी के ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर को बहुत कम अंतर में दस हजार मतों से परास्त कर दिया था। प्रतिभा सिंह ने इससे पहले साल 2013 के उपचुनाव और 2004 आम चुनाव में जीत दर्ज की थी।

बदली फिजां 2014 के बाद : 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लहर के दौरान यहां कांग्रेस को बीजेपी के सामने करारी हार का सामना करना पड़ा। बीजेपी के रामस्वरूप शर्मा ने प्रतिभा सिंह को करीब चालीस हजार मतों से पराजित कर दिया। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत का यह अंतर और भी बढ़ गया। रामस्वरूप शर्मा को 6 लाख 47 हजार से ज्यादा वोट मिले जबकि कांग्रेस के आश्रय शर्मा को महज 2 लाख 41 हजार वोट मिले। इसके बाद से ही कांग्रेस का गढ़ रही सीट बीजेपी के गढ़ में बदल गई।

बात कांग्रेस नेता विक्रमादित्य सिंह की करें तो राजनीति उन्हें विरासत में मिली है। उनके पिता वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और मां प्रतिभा सिंह मंडी लोकसभा सीट से सांसद. विक्रमादित्य सिंह शिमला ग्रामीण से विधायक हैं। वहीं कंगना रनौत की बात करें तो उन्होंने पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रखा। लेकिन राजनीति में आने के इरादे उन्होंने काफी पहले ही साफ कर दिये थे।

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