क्या S-500 का भारत में बनना फाइनल? …S-400 से कितना खतरनाक, जो दुनिया को हिला देगा!

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नई दिल्ली : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया भारत यात्रा के दौरान, देश के रक्षा गलियारों में S-500 ‘प्रोमिथियस’ एयर डिफेंस सिस्टम की चर्चा ज़ोरों पर है।

भारत पहले से ही S-400 सिस्टम का उपयोग कर रहा है, जिसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अभियानों में अपनी क्षेत्रीय क्षमताओं को सफलतापूर्वक साबित किया है। इसी पृष्ठभूमि में, S-500 को अब एक ‘गेम-चेंजर’ के रूप में देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया सिस्टम S-400 से कहीं अधिक उन्नत है, और यह भारत की हवाई रक्षा को एक राष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम होगा।इस रिपोर्ट में हम जानेंगे कि यह आधुनिक प्रणाली S-400 से कितना अलग है और यह भारत की हवाई रक्षा क्षमता को कैसे नई शक्ति देगी।

क्या है यह डिफेंस सिस्टम?

S-500 ‘प्रोमिथियस’ एक अत्याधुनिक राष्ट्रीय स्तर का एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम है, जिसे रूस में 2021 से तैनात किया जा रहा है। इसका प्राथमिक काम हाइपरसोनिक मिसाइलों, इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBMs), स्टेल्थ विमानों (जैसे F-35), और कम-पृथ्वी कक्षा (Low-Earth Orbit) के सैटेलाइट्स को नष्ट करना है। यह प्रणाली पूरे देश को हवाई खतरों से बचाने के लिए डिज़ाइन की गई है, जो इसे S-400 की क्षेत्रीय क्षमताओं से कहीं अधिक शक्तिशाली बनाती है।

S-400 क्यों आया चर्चा में?

S-400 सिस्टम पाकिस्तान के साथ सीमा तनाव के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अपनी सफलता के बाद चर्चा में आया था। पंजाब के आदमपुर एयरबेस पर तैनात S-400 ने पाकिस्तानी ड्रोन्स और मिसाइलों को ट्रैक किया और उन्हें 95% तक नष्ट कर दिया था। इस ऑपरेशन की सफलता ने भारत की हवाई रक्षा क्षमता को विश्व स्तर पर मजबूत किया और यह साबित किया कि S-400 लंबी दूरी के खतरों को प्रभावी ढंग से बेअसर कर सकता है। S-400 की इस सिद्ध क्षमता ने S-500 के लिए भारत का विश्वास जीता है।

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