स्क्रैप कारोबारी की पुलिस अधिकारियों से बातचीत बताई जा रही रिकॉर्डिंग सामने आई; DSP अश्विनी कुमार बोले- कोई हमारा नाम ले ले तो इससे संबंध नहीं हो जाता
खन्ना, 2 अक्तूबर: पंजाब में पुलिस और अपराधियों के कथित गठजोड़ से जुड़े वायरल ऑडियो का मामला लगातार चर्चा में है। DSP स्तर के अधिकारी पर नशा तस्कर के पक्ष में सिफारिश करने से जुड़े कथित ऑडियो के बाद अब शुक्रवार को दो और ऑडियो सामने आए हैं, जिनमें खन्ना के स्क्रैप कारोबारी जीत राम की पुलिस अधिकारियों से बातचीत होने का दावा किया जा रहा है।
वायरल बताए जा रहे पहले ऑडियो में जीत राम खुद को विजिलेंस DSP अश्विनी कुमार का छोटा भाई बताते हुए सड़क हादसे से जुड़े मामले में पुलिस से युवकों को छोड़ने की सिफारिश करता सुनाई देता है। बातचीत में वह पुलिस अधिकारी से कहता है कि हादसे में शामिल लड़कों को बुलाया गया है और उन्हें उसी दिन भेज दिया जाए।
ऑडियो में पुलिस अधिकारी दूसरी पार्टी के मौके पर आने और समझौते पर हस्ताक्षर करवाने की बात करता सुनाई देता है। जीत राम मोटरसाइकिल की फोटो लेने और उसे साथ भेजने की बात भी करता है।
दूसरे ऑडियो में नाके पर पकड़ी गाड़ी छुड़ाने की बात
दूसरे वायरल ऑडियो में जीत राम DSP अश्विनी कुमार से बात करता और दोराहा के पास नाके पर पकड़ी गई अपनी गाड़ी के संबंध में पुलिस अधिकारी से बात करवाने को कहता सुनाई देता है।
ऑडियो में DSP के रूप में बात कर रहा व्यक्ति खुद को “DSP विजिलेंस अश्विनी कुमार” बताता है और संबंधित ASI से कहता सुनाई देता है कि गाड़ी में सवार लोग उसके अपने परिचित हैं। दूसरी ओर ASI बलबीर सिंह कथित तौर पर गाड़ी में चोरी का माल होने की बात करता है और बताता है कि कुछ सामान झाड़ियों में फेंका गया है।
इसके बाद गाड़ी को थाने ले जाने की बात पर जीत राम आपत्ति जताता है और संबंधित थाना प्रभारी से बात करवाने के लिए कहता है। बातचीत के दौरान फोन कटने और दोबारा कॉन्फ्रेंस कॉल जुड़ने का भी जिक्र आता है।
इन वायरल ऑडियो में की गई बातचीत, आवाज और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
DSP अश्विनी कुमार ने क्या कहा
ऑडियो को लेकर जालंधर रेंज में तैनात विजिलेंस DSP अश्विनी कुमार से संपर्क किया गया। उन्होंने कथित ऑडियो में उनके नाम का इस्तेमाल किए जाने के संबंध में कहा—
“अगर कोई हमारा नाम ले ले, तो इससे हमारा संबंध नहीं हो जाता।”
इस बयान के मुताबिक, केवल किसी बातचीत में उनका नाम लिए जाने को वे अपने संबंध का प्रमाण नहीं मानते।
जीत राम पर चोरी का केस दर्ज होने का दावा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जीत राम की खन्ना अनाज मंडी के पास जीटी रोड पर स्क्रैप की दुकान और गोदाम है। उसके खिलाफ सिटी थाने में FIR नंबर 261/2026 के तहत चोरी का मामला दर्ज होने की बात सामने आई है। इस मामले में जेल जाने के बाद उसके जमानत पर बाहर आने की जानकारी भी दी गई है।
इसके अलावा जीत राम और उसके भाई पम्मा सिंह के खिलाफ विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी तथा एक महिला से जबरन शारीरिक संबंध बनाने के आरोपों से जुड़े मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है। पम्मा सिंह के खिलाफ 150 ग्राम हेरोइन बरामदगी का मामला दर्ज होने का भी दावा है। इन मामलों की वर्तमान कानूनी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
खन्ना में तैनात रह चुके हैं DSP अश्विनी
अश्विनी कुमार विजिलेंस में तैनाती से पहले पुलिस जिला खन्ना में विभिन्न थानों में SHO के पद पर रह चुके हैं। इसके अलावा वह ट्रैफिक पुलिस और EO विंग में भी तैनात रहे हैं। खन्ना से तबादले के बाद उन्होंने लुधियाना विजिलेंस में भी सेवाएं दीं।
रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु से जुड़े टेंडर मामले की जांच करने वाली विजिलेंस टीम में भी अश्विनी कुमार शामिल रहे थे।
फिलहाल सामने आए दोनों ऑडियो की प्रामाणिकता, आवाजों की पहचान और बातचीत के पूरे संदर्भ की स्वतंत्र जांच महत्वपूर्ण है। यदि जांच में ऑडियो वास्तविक पाए जाते हैं, तो बातचीत में किए गए दावों और संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर आगे की कार्रवाई का आधार बन सकता है।
