खाने पीने वाले खाद्य पदार्थों के 11 सैंपल लिए : जिले में सख्ती से लागू किया जाएगा फूड सेफ्टी व स्टैंडर्ड एक्ट-2006

by

हर छोटे से बड़े फूड बिजनेस आपरेटर के लिए रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस अनिवार्य
होशियारपुर, 28 अप्रैल:
डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल के निर्देशों पर जिले में लोगों को मिलावट मुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. लखवीर सिंह ने आज होशियारपुर में चैकिंग के दौरान 5 स्थानों से खाद्य पदार्थों के 11 सैंपल लिए। उन्होंने कहा कि जिले में मिलावटखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी व मिलावटखोरों के खिलाफ फूड सेफ्टी व स्टैंडर्ड एक्ट-2006 के अंतर्गत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी ताकि पंजाब सरकार के रंगले व स्वस्थ पंजाब के सपने को पूरी तरह से कामयाब किया जा सके।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि उन्होंने आज समीर बेकर्स से चाकलेट पेस्ट्री, पाइनापल पेस्ट्री, बटर स्काच पेस्ट्री, एपीक्योर से तैयार हुई दाल व मंचूरियन, बर्गर ईरा से मिक्स सैंडविच, आलू टिक्की बर्गर, हंगरी हाल्ट से मिक्स वैज पिज्जा, वनीला शेक, द हैवमोर बाइट से बटर स्काच शेक, वाइट सास पास्ता का सैंपल लिया। उन्होंने कहा कि यह सारे सैंपल फूड टैस्टिंग लेबोरेट्री खरड़ में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं और इसकी रिपोर्ट आने के बाद बनती कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि लोगों को खाने पीने वाले साफ सुथरे व शुद्ध पदार्थों की उपलब्धता को यकीनी बनाना समय की मुख्य मांग है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि स्टेट फूड कमिश्नर व डिप्टी कमिश्नर की हिदायतों के अनुसार जिले में लगातार चैकिंग अभियान चलाया जाएगा ताकि लोगों को शुद्ध व साफ सुथरी खाद्य वस्तुएं मुहैया करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर कानून अनुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को भी जागरुक होने की जरुरत है। उन्होंने जिले के अंदर खाने-पीने वाले पदार्थों की बिक्री करने व इन पदार्थों को तैयार करने वालों को अपील करते हुए कहा कि वे जन हित के मद्देनजर शुद्ध, मानक व क्वालिटी पदार्थों की बिक्री को यकीनी बनाएं व किसी भी तरह के बासी या मिलावटी पदार्थ की बिक्री न करें।
डा. लखबीर सिंह ने कहा कि हर छोटे से बड़े फूड बिजनेस आपरेटर(एफ.बी.ओज) के लिए रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि 12 लाख रुपए वार्षिक से कम सेल करने वाले एफ.बी.ओज के लिए 100 रुपए वार्षिक रजिस्ट्रेशन जरुरी है जबकि 12 लाख रुपए वार्षिक से ज्यादा सेल करने वाले एफ.बी.ओएज के लिए दो हजार रुपए वार्षिक लाइसेंस फीस जमा करवाना अनिवार्य है। उन्होंने एफ.बी.ओज से अपील करते हुए कहा कि जिनकी रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस फीस रिन्यू करवाने वाली है वे अपनी फीस जमा करवाएं और जिन्होंने अभी तक रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस नहीं लिए वे जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करें।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

मेडिकल कॉलेज चंबा में मरीजों की परेशानी पर गरमाई सियासत, निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी : जय सिंह

  मेडिकल कॉलेज चंबा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भाजपा नेता ने उठाए सवाल मरीजों को समय पर उपचार न मिलने और डॉक्टरों की कथित लापरवाही के आरोप मिंजर मेले में युवक की मौत की...
article-image
हिमाचल प्रदेश

सकारात्मक सोच ही उज्ज्वल भविष्य का आधार : डीसी मुकेश रेपसवाल

राजकीय महाविद्यालय चम्बा में युवा संवाद श्रृंखला-2 कार्यक्रम में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल बतौर मुख्य अतिथि हुए शामिल कहा, नशे से दूरी बनाए रखें युवा एएम नाथ। चम्बा :  उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपसवाल ने कहा...
Translate »
error: Content is protected !!