गढ़शंकर, 8 अक्तूबर : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधन में संचालित बब्बर अकाली मेमोरियल खालसा कॉलेज गढ़शंकर में पंजाबी विभाग द्वारा प्रिंसिपल डॉ. अमनदीप हीरा के नेतृत्व में ‘लोक कथाएं: नैतिकता और जीवन मूल्य’ विषय पर एक विशेष भाषण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध लोकगीत विशेषज्ञ, कवि और साहित्यिक शोधकर्ता डॉ. करमजीत सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। कार्यक्रम के आरंभ में प्रिंसिपल डॉ. अमनदीप हीरा ने मुख्य वक्ता डॉ. करमजीत सिंह का स्वागत किया और कहा कि ऐसे विद्वान और अनुभव छात्रों के जीवन में एक नया रंग भरते हैं। डॉ. करमजीत सिंह का व्यक्तित्व छात्रों के लिए एक प्रकाश स्तंभ बनेगा और छात्र उनके व्याख्यानों से लाभान्वित होंगे। उन्होंने पंजाबी विभाग के प्रयासों की सराहना की और भविष्य में इस तरह के और कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्य वक्ता डॉ. करमजीत सिंह ने अपने व्याख्यान में लोक कथाओं के महत्व के बारे में बोलते हुए कहा कि लोक कथाएँ न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि इनसे हमें ऐसी शिक्षा मिलती है जो हमारे जीवन के लिए मार्गदर्शक बन जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को लोक कथाओं की तकनीकों से अवगत कराया और उन्हें एक निश्चित दृष्टिकोण से इन कथाओं को पढ़ने और समझने के तरीके के बारे में भी बताया। पंजाबी विभागाध्यक्ष डॉ. कमलजीत कौर ने डॉ. करमजीत सिंह के जीवन और उनकी साहित्यिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। प्रो. सौरव दादरी ने उपस्थित विशेष अतिथियों, स्टाफ और विद्यार्थियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर प्रो. लखविंदरजीत कौर, डॉ. संघा गुरबख्श कौर, प्रो. रितु सिंह, पंजाबी विभागाध्यक्ष डॉ. कमलजीत कौर, डॉ. कंवलजीत कौर, प्रो. सौरव दादरी, प्रो. पूनम, प्रो. हरप्रीत कौर, प्रो. बलदीप कौर आदि मौजूद रहे।
